जिला एवं सत्र न्यायालय आगरा का फाइल फोटो
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लखनऊ और प्रयागराज में बृहस्पतिवार को अधिवक्ता शिशिर त्रिपाठी और सनाउल्ला की हत्या की घटना से दीवानी के अधिवक्ताओं में आक्रोश है। उन्होंने प्रदर्शन करके रोष व्यक्त किया। हत्यारोपियों को जल्द गिरफ्तार करने और मृतक आश्रितों को 50-50 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की।
कहा कि अधिवक्ताओं की हत्या प्रदेश सरकार की नाकामी है। प्रदेश में अधिवक्ता सुरक्षा कानून लागू करने की मांग की। विरोध में शुक्रवार को अधिवक्ता हड़ताल पर रहेंगे।
ग्रेटर आगरा बार एसोसिएशन ने कहा कि प्रदेश में अधिवक्ता अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। इसके बावजूद सरकार कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है। इसलिए प्रदेश में लगातार अधिवक्ताओं के साथ घटनाएं हो रही हैं। जिला जज को ज्ञापन भी दिया गया। अध्यक्ष महेश बघेल, सचिव भारत सिंह, दुर्ग विजय सिंह भैया, नरेंद्र शर्मा, हीरेंद्र गुप्ता, दीवान सिंह बाबा, गिरधारी लाल चौरसिया, किशन सिंह परमार आदि बैठक में शामिल रहे।
आगरा एडवोकेट्स एसोसिएशन ने मध्य प्रदेश की तर्ज पर उत्तर प्रदेश में भी अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम लागू करने की मांग की। अध्यक्ष केसी शर्मा, विजय वर्मा, चौधरी अजय सिंह, केके शर्मा, वीरेंद्र फौजदार, अजीत सिंह, अरुण पचौरी आदि शामिल रहे।
जनपद बार एसोसिएशन के सुरेश सिंह परिहार, गजेंद्र शर्मा बाबा, राजवीर सिंह सिकरवार, कुसुम लता शर्मा, गगन शर्मा ने बैठक कर अधिवक्ताओं की सुरक्षा की मांग की।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण जनमंच ने 13 जनवरी को कलक्ट्रेट में विरोध प्रदर्शन करने का निर्णय लिया। जनमंच ने बैठक करके घटना की निंदा भी की। इस दौरान चौधरी अजय सिंह, जितेंद्र चौहान, वीरेंद्र फौजदार, जसवंत राना, गिर्राज रावत, अमर सिंह आदि मौजूद रहे। डा. आंबेडकर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रमेश चंद्र, सूरजभान भारती, करतार सिंह भारतीय, राजेंद्र कर्दम, राजकुमार पिप्पल, रामदत्त दिवाकर आदि ने भी बैठक की।