कासगंज। जनपद न्यायालय में शनिवार को सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति जितेंद्र माहेश्वरी, इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायमूर्ति राजेश बिंदल व उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति विवेक कुमार बिड़ला, न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा, न्यायमूर्ति विपिन चंद्र दीक्षित ने अधिवक्ता चैंबर और फैमिली कोर्ट के निर्माण कार्य का समारोहपूर्वक शिलान्यास किया।
सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार माहेश्वरी ने कहा कि न्यायिक प्रक्रिया को सुलभ बनाने के लिए लगातार कोशिशें जारी हैं। इससे वादकारियों को अधिक से अधिक सुविधाएं मिलें और त्वरित न्याय मिले। इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल ने भी अधिवक्ताओं और वादकारियों को सुविधाएं मिलने पर खुशी जाहिर की और शुभकामनाएं दीं। न्यायमूर्ति विवेक कुमार बिड़ला ने कहा कि फैमिली कोर्ट की स्थापना से वादकारियों को एक अच्छा वातावरण मिलेगा। वहीं अधिवक्ता चैंबर के निर्माण से अधिवक्ताओं को सहूलियत मिलेगी। अधिवक्तागण न्याय व्यवस्था की रीढ़ हैं। न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा एवं न्यायमूर्ति विपिन चंद्र दीक्षित ने भी इस मौके पर अधिवक्ताओं को शुभकामनाएं दीं।
उद्घाटान के मौके पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन यज्ञ हुआ। सभी न्यायिक अधिकारियों ने हवन यज्ञ में हिस्सा लिया। इसके बाद शिलान्यास पट्टिका का अनावरण किया गया। जिला जज दिवेश चंद्र सामंत, फैमिली कोर्ट के प्रिंसिपल जज रमेश सिंह, एडीजे बिजेश कुमार, स्पेशल जज राकेश कुमार, अनिल कुमार, एडीजे गजेंद्र, धीरेंद्र कुमार, गगन कुमार भारती, तालेवर सिंह, कृष्णलीला यादव, सीजेएम अभय प्रताप सिंह सहित अन्य न्यायिक अधिकारियों ने सर्वोच्च न्यायालय एवं इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायमूर्तिगणों का बुके भेंटकर स्वागत किया। जिलाधिकारी हर्षिता माथुर, एसपी रोहन प्रमोद बोत्रे ने भी न्यायिक अधिकारियों का स्वागत किया। अधिवक्तागणों ने भी न्यायमूर्तिगणों का स्वागत किया। पुलिस गारद ने सलामी दी।
ये न्यायिक अधिकारी रहे मौजूद
कासगंज। कार्यक्रम के दौरान सिविल जज सीनियर डिवीजन मीनाक्षी सोनकर, एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट नाहिद सुल्ताना, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव नितिशा सिंह, सिविल जज प्राची अग्रवाल, न्यायाधिकारी ग्राम न्यायालय अर्पित पवार, ज्यूडीशियल मजिस्ट्रेट अनुप्रिया, सिविल जज अलका, सिविल जज प्रियांशु गुप्ता, सिविल जज अन्नू, सिविल जज इंदू नागर, सिविल जज अवनीश कुमार, सिविल जज अभिषेक सिंह मौजूद रहे।