- जिलाधिकारी के आदेश पर बहरामऊ में राजस्व टीम ने नापजोख रोकी
- स्थगन आदेश हटने के बाद राजस्व टीम करेगी प्रकरण का निस्तारण
संवाद न्यूज एजेंसी
किशनी। किशनी तहसील में शनिवार को तहसील दिवस के दौरान डीएम के सामने आत्महत्या की धमकी देकर बखेड़ा करने वाली मां-बेटी के गांव बहरामऊ पहुंची राजस्व विभाग की टीम के सामने कोर्ट का स्थगन आदेश आने के बाद मामला फंस गया है। प्रशासन ने अपने हाथ पीछे खींच लिए है। महिला और उसकी बेटी को बताया है कि पहले कोर्ट आदेश को लेकर निर्णय करेगा। इसके बाद प्रशासन इस मामले में दखल देगा।
एसडीएम गोपाल शर्मा और तहसीलदार घासीराम राजस्व टीम के साथ गांव बहरामऊ पहुंचे थे। यहां दूसरे पक्ष ने एसडीएम को बताया कि जिस जगह पर रविवार को नाप की गई है उस पर राधा देवी ने खुद ही सिविल न्यायालय से वर्ष 2018 से स्थगन आदेश ले रखा है। इस पर एसडीएम ने राधा देवी को बुलाकर बात की तो उन्होंने स्वीकार किया कि भूमि पर स्थगन आदेश ले रखा है। स्थगन आदेश भी दिखाया। इसके बाद एसडीएम ने सिविल न्यायालय की तारीख के बारे में जानकारी ली। पीड़िता ने बताया कि 20 दिसंबर तारीख लगी है। एसडीएम ने पीड़िता से कहा स्थगन आदेश होने के चलते मौके पर राजस्व टीम कुछ भी नहीं कर सकती। सिविल न्यायालय से जो आदेश होगा। उसी अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। राजस्व विभाग की टीम में राजस्व निरीक्षक अरविंद कुमार, लेखपाल असित यादव मौजूद रहे।