Agra: दयालबाग पोइयाघाट पर बने अवैध निर्माण के गेट पर सत्संगियों ने सील करके नोटिस लगा दी।
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आगरा के पोइया घाट पर डूब क्षेत्र में अवैध निर्माण होते रहे और प्रशासन सब कुछ होते देखता रहा। ज्यादा शिकायतें होने पर चेतावनी पर चेतावनी दी लेकिन बुलडोजर नहीं चलवा सके। चारागाह, खेत-खलिहान से लेकर रास्तों तक कब्जे हैं। ग्रामीणों का निकलना बंद है। फिर भी सत्संग सभा को कोर्ट जाने का पूरा मौका दिया गया। ऐसे में प्रभावित लोग यही कह रहे हैं कि जहां प्रशासन हो मौन, वहां आम लोगों की सुने कौन।
दयालबाग स्थित मौजा खासपुर के खसरा नंबर 272 में आशीष अग्रवाल, देवकी खंडेलवाल, देवनंद वर्मा, शिवलाल, स्नेहलता, बबीता गोयल, सपना जैन, दिनेश सिंघल ने डीएम से 17 नवंबर 2021 को शिकायत दर्ज कराई थी। कहा था कि सत्संगियों ने 1840 वर्ग मीटर निजी भूमि पर कब्जा कर रास्ता बंद कर दिया है। राजस्व टीम ने जांच की। शिकायत सही पाई। सत्संग सभा का कब्जा अवैध मिला। पर, डीएम को रिपोर्ट भेजी कि कार्रवाई से शांतिभंग का खतरा है। आशीष अग्रवाल का कहना है कि जब पुलिस, प्रशासन और शासन को कार्रवाई से डर लग रहा है। शांतिभंग का बहाना कर अवैध कब्जों को संरक्षण दिया जा रहा है। ऐसे में आम लोगों की सुनवाई कैसे होगी।
उन्होंने कहा कि राधास्वामी सत्संग सभा ने पांच महीने पहले डूब क्षेत्र में अपने बोर्ड लगाए थे। तब भी प्रशासन सत्संगियों के आगे लचर नजर आया था। नतीजा चार महीने में करीब 150 बीघा डूब क्षेत्र में बैरिकेडिंग हो गई। गेट चढ़ा कब्जा हो गया। लेकिन, प्रशासन बोर्ड नहीं हटा सका। 2 अगस्त को डूब क्षेत्र में सत्संगियों ने पक्की सड़क बना अवैध निर्माण कर लिया। प्रशासन हाथ पर हाथ रखे देखता रहा। सत्संगी डीएम के आदेश को ठेंगा दिखाते रहे। उधर, सत्संगी अब हाईकोर्ट चले गए। वहां 16 अगस्त को सुनवाई होनी है। हालांकि प्रशासन के पास अभी तक हाईकोर्ट से कोई ऑर्डर नहीं आया है।