सत्यापन की होगी मॉनीटरिंग
मोबाइल एप की मदद से बीट सिपाही से लेकर अधिकारी तक फीडिंग करेंगेे। जिस अपराधी का डाटा फीड किया गया है, उसकी मॉनीटरिंग भी अधिकारियों के स्तर पर की जाएगी। कोई अपराधी सक्रिय है भी या फिर सत्यापन में लापरवाही बरती गई है। इसकी भी पड़ताल की जाएगी।
क्राइम स्पॉट की मिलेगी जानकारी
इस साफ्टवेयर और एप की मदद से यह भी जानकारी मिल जाएगी कि किस जिले के किस इलाके में कितने अपराधी रह रहे हैं। उन्होंने कहां पर सबसे ज्यादा अपराध किया है। कौन से इलाके में अपराध नहीं हुए हैं। इससे अधिकारियों को फोर्स लगाने में भी आसानी होगी।
आपरेशन पहचान साफ्टवेयर और मोबाइल एप से तीन संदेश जाएंगे। पहला अपराधियों के लिए होगा कि वे अपराध करने से बाज आएं। उन पर नजर रखी जा रही है। अगर, वह अपराध करेंगे तो पकड़े जाएंगे। दूसरा जनता के लिए होगा कि वह खुद को सुरक्षित महसूस करें। पुलिस कार्रवाई के लिए तत्पर है। तीसरा पुलिसकर्मियों के पास अपराधियों के बारे में बेहतर जानकारी होना है।
- राजीव कृष्ण, एडीजी जोन
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