सिकंदरा थाना के शस्त्रागार से एके-47 से 76 कारतूस और तीन रिवाल्वर गायब हो जाने की घटना से पुलिस ने सबक लिया है। एडीजी जोन अजय आनंद ने जोन के सभी जिलों के कप्तानों को निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक थाने के असलाह और कारतूस की गिनती कराई जाए। आशंका है कि सिकंदरा जैसी गड़बड़ी और थानों में भी मिल सकती है।
सिकंदरा के मामले में बताया जा रहा है कि कारतूस और रिवाल्वर बहुत पहले चोरी हो गए थे। चोरी को दबाए रखा गया। एएसपी ने पुलिस लाइन के आर्मरर को बुलाकर गिनती कराई तो रिवाल्वर और कारतूस कम निकले। यही कहानी और भी थानों पर हो सकती है।
आगरा में सिकंदरा से पहले रकाबगंज में कारतूस चोरी हो चुके हैं। इन घटनाओं में यह बात भी सामने आ रही है कि थाना प्रभारी शस्त्रागार के मुंशियों की रिपोर्ट पर ही भरोसा कर रहे हैं। वे कह देते हैं कि असलाह और कारतूस पूरे हैं, तो इसे ही मान लिया जाता है। किसी और से गिनती नहीं कराई जाती है।