मैनपुरी/भोगांव। नवोदय छात्रा की कथित मौत की जांच के लिए गठित एसआईटी के अध्यक्ष एडीजी कानपुर जोन नौ दिन बाद मंगलवार को एक बार फिर मैनपुरी पहुंचे। कैंप कार्यालय पर कुछ देर ठहरने के बाद शाम को उन्होंने नवोदय पहुंचकर क्राइम सीन पर छानबीन की। फोरेंसिक टीम भी इस दौरान साथ रही। एडीजी जहां नवोदय में एक घंटे मौजूद रहे तो वहीं अन्य सदस्यों ने तीन घंटे तक सुराग तलाशे।
नवगठित एसआईटी एडीजी कानपुर जोन भानु भास्कर के नेतृत्व में 18 सितंबर को मैनपुरी पहुंची थी। दो दिन लगातार एडीजी ने खुद नवोदय जाकर क्राइम सीन पर जांच क। इसके बाद 20 सितंबर को वे कानपुर लौट गए थे। मंगलवार को दोपहर बाद एडीजी दोबारा मैनपुरी लौट आए। सबसे पहले वे ट्रांजिस्ट हॉस्टल स्थित कैंप कार्यालय पहुंचे। यहां जांच के बारे में अपडेट लेने के बाद शाम चार बजे भोगांव स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय पहुंचे। फोरेंसिक टीम के साथ सीधे क्राइम सीन पर पहुंचे। यहां फोरेंसिक टीम की मदद से एक बार फिर गहनता से जांच कर छानबीन की। इस दौरान फोरेंसिक टीम ने कुछ फिंगरप्रिंट के नमूने लिए। लगभग एक घंटे तक एडीजी क्राइम सीन, हॉस्टल, मैस और परिसर में छानबीन करते रहे। एडीजी ने इस दौरान नवोदय के प्रधानाचार्य से भी कई अहम जानकारियां लीं। इसके बाद शाम पांच बजे वे कैंप कार्यालय लौट गए। वहीं एसआईटी के अन्य सदस्यों और फोरेंसिक टीम ने अपना काम जारी रखा। लगभग तीन घंटे तक बाकी टीम ने यहां छानबीन के साथ ही नवोदय स्टाफ से पूछताछ की। इसके बाद सात बजे बाकी सदस्य भी वापस कैंप कार्यालय लौट गए। एसआईटी के साथ पुलिस अधीक्षक मैनपुरी अशोक कुमार राय, सीओ भोगांव अमर बहादुर सिंह, इंस्पेक्टर भोगांव रवींद्र बहादुर सिंह आदि मौजूद रहे।
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जांच की कराई गई वीडियोग्राफी
मंगलवार को नवोदय में एडीजी भानु भास्कर के पहुंचने के साथ जांच शुरू हुुई। जांच की शुरुआत में ही एडीजी के आदेश पर एक भोगांव पुलिस ने एक वीडियोग्राफर को बुलाया। इसके बाद पूरी जांच की वीडियोग्राफी कराई गई। इससे पहले जांच के दौरान वीडियोग्राफी नहीं कराई गई थी।
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सुबह पहुंचे एसआईटी सदस्यों ने नापी थी दूरी
नवोदय में जांच के लिए एडीजी मंगलवार शाम चार बजे पहुंचे थे। इससे पहले सुबह 11 बजे के करीब भी एसआईटी के सदस्य नवोदय पहुंचे थे। एसआईटी में शामिल जांच अधिकारियों ने यहां मुख्य द्वार से लेकर कार्यालय और हॉस्टल स्थित क्राइम सीन की दूरी कदमों से चलकर नापी। इसके साथ ही परिसर की कुल दूरी का भी कदमों से माप लिया। लगभग आधे घंटे ठहरने के बाद एसआईटी के सदस्य वापस लौट गए।