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UP: अपर निदेशक पशुपालन रिश्वत लेते गिरफ्तार, आगरा विजिलेंस ने रंगेहाथ पकड़ा; ड्राइवर भी खेल में शामिल

Thu, 20 Jun 2024 10:24 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

आगरा विजिलेंस ने जाल बिछाकर अपर निदेशक पशुपालन को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों गिरफ्तार किया है। रिश्वत के इस खेल में अपर निदेशक पशुपालन का ड्राइवर भी शामिल है।  
 
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अपर निदेशक और ड्राइवर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा में अधीनस्थों को दूरस्थ क्षेत्र में स्थानांतरण का भय दिखाकर एक लाख रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप में आगरा विजिलेंस ने बृहस्पतिवार शाम अपर निदेशक ग्रेड-2 डॉ. विवेक कुमार भारद्वाज को उनके दफ्तर में रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। साथ में उनका ड्राइवर संतोष कुमार शर्मा भी पकड़ा गया है।
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अपर निदेशक डॉ. विवेक कुमार भारद्वाज का कार्यक्षेत्र कई जिलों तक है। एसपी विजिलेंस शांतनु गौतम ने बताया कि बुलंदशहर, खुर्जा में कालिंदी कुंज निवासी पशुधन प्रसार अधिकारी कोमल राम पशु सेवा केंद्र दहतोरा पर तैनात थे। उनके व दो अन्य कर्मियों ने शिकायत दर्ज कराई थी कि पशुपालन विभाग के अपर निदेशक डॉ. विवेक कुमार उन्हें दूरस्थ क्षेत्र में स्थानांतरण का भय दिखाकर रिश्वत मांग रहे हैं।

 

विजिलेंस ने शिकायत की जांच कराई। प्रथम दृष्ट्या आरोप सही पाए गए। अपर निदेशक को रंगेहाथ गिरफ्तार करने के लिए बृहस्पतिवार को जाल बिछाया गया। अपर निदेशक ने कोमल राम को तय रकम लेकर बाईंपुर स्थित दफ्तर बुलाया था। जैसे ही कोमल राम ने अपर निदेशक को रिश्वत के एक लाख रुपये दिए। उन्हें विजिलेंस ने पकड़ लिया। ड्राइवर संतोष कुमार शर्मा को भी गिरफ्तार किया गया। दोनों आरोपियों के विरुद्ध विजिलेंस ने केस दर्ज किया है।

 

बच्चों का चेहरा देखने के लिए तरस जाओगे....
एसपी विजिलेंस ने बताया कि आरोपी अपर निदेशक अपने अधीनस्थों को धमकाता था। कहता था कि ऐसी जगह ट्रांसफर करूंगा कि अपने बच्चों का चेहरा देखने के लिए तरस जाओगे। तीन अधीनस्थों ने लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप सही मिलने पर स्वतंत्र गवाह साथ लेकर भ्रष्टाचार विरोधी कार्रवाई की गई।



 

नोटिस खत्म करने के नाम पर भी वसूली
 अपर निदेशक डॉ. विवेक कुमार भारद्वाज पर आरोप है कि वह पशु सेवा केंद्रों के निरीक्षण में भी अधीनस्थों से वसूली करते थे। निरीक्षण में लापरवाही बताकर पहले उन्हें नोटिस देते थे। फिर नोटिस को खत्म करने के नाम पर अवैध वसूली करते थे। रिश्वत नहीं देने वाले अधीनस्थों का उत्पीड़न किया जाता था। उन्हें निलंबित और सेवा पुस्तिका में प्रतिकूल प्रविष्टि की धमकियां देते थे।

 
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एक साल में हुए तबादलों की जांच
एसपी विजिलेंस शांतनु गौतम ने बताया कि आरोपी अपर निदेशक राजपत्रित अधिकारी हैं। एक साल से आगरा मंडल में ग्रेड-2 अपर निदेशक पद पर हैं। एक साल में उनके स्तर से किए तबादलों की जांच कराई जा रही है। उनके निरीक्षण का ब्योरा और नोटिस का रिकाॅर्ड भी खंगाला जा रहा है।
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