आगरा विकास प्राधिकरण को 35 साल बाद अधिगृहीत भूमि पर कब्जे की याद आई। इतने सालों में यहां 250 मकान बन गए हैं। वहीं अब एडीए अधिकारी रोज यहां चक्कर लगाकर मकान खाली करने का दबाव बना रहे हैं।
आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) भूमि अधिग्रहण के 35 साल में भूमि पर कब्जा नहीं ले सका। भूमि पर 250 से अधिक पक्के मकान खड़े हो गए। कब्जा लेने के लिए मकानों को ध्वस्त करना होगा। तो ग्रामीणों ने रविवार से एडीए के विरोध में धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है।
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दहतोरा में शास्त्रीपुरम चौराहा स्थित टैंट हाउस के पास रविवार को सैकड़ों ग्रामीण एकत्र हुए। एडीए अधिकारियों पर भ्रष्टाचार व भूमि अधिग्रहण में अनियमितताओं के आरोप लगाए। ग्रामीण शेर सिंह ने बताया कि एडीए की करीब 25 बीघा भूमि है। जिसका जबरन अधिग्रहण किया गया। किसानों ने कब्जा नहीं दिया। न कोई मुआवजा लिया। अब एडीए अधिकारी रोज गांव में मकानों पर पहुंचकर उन्हें खाली करने के लिए धमका रहे हैं।
विरोध में ग्रामीणों ने बेमियादी धरना-प्रदर्शन शुरू किया है। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो एडीए दफ्तर का घेराव किया जाएगा। किसी भी कीमत पर अपने घरों को उजड़ने नहीं दिया जाएगा।
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गरीब व मजदूर संघर्ष समिति के बैनर तले चल रहे धरना-प्रदर्शन में संजीव लोधी, दुलीचंद, डॉ. सुनील राजपूत, हरिकिशन लोधी, गिरीश शर्मा, राजेश लोधी, भीमसेन, मोहनदास, ओम प्रकाश, दीवान सिंह, राम सिंह, राजकुमार, सीताराम, शंभु दयाल, राजवती, सरिता देवी आदि मौजूद रहीं।