आगरा में डीएम की सख्ती के बाद एक दर्जन एंबुलेंस के खिलाफ कार्रवाई की गई। अवैध, अपंजीकृत, अनफिट एंबुलेंस के चालान काटे गए। इनसे एक लाखसे अधिक का जुर्माना वसूला गया।
उत्तर प्रदेश के आगरा में आरटीओ और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने खटारा मिलीं 11 एंबुलेंस को ब्लैक लिस्टेट कर दिया है। इन पर 1.04 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इनमें फिटनेस, बीमा और प्रदूषण विभाग की एनओसी नहीं थी। मरीजों के लिए इमरजेंसी मेडिकल किट समेत चिकित्सकीय उपकरण भी नहीं थे। बिना मानक के दोबारा चलते मिलने पर सील करने की चेतावनी दी गई।
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सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि संयुक्त टीम ने एसएन मेडिकल कॉलेज इमरजेंसी, पोस्टमार्टम हाउस, लेडी लायल और दिल्ली गेट पर टीम ने जांच की। इसमें 11 एंबुलेंस पकड़ी गईं। इनकी फिटनेस सालभर पहले ही खत्म हो गई थी। प्रदूषण नियंत्रण की एनओसी और बीमा भी नहीं था।
परिवहन विभाग के यात्री कर अधिकारी शिवशंकर मिश्रा ने 1.04 लाख रुपये जुर्माना वसूला है। एसीएमओ डॉ. एसके राहुल ने जब एंबुलेंस में चिकित्सकीय मानक परखे तो चौपट हाल मिला। इसमें ऑक्सीजन देने के लिए अंबू बैग, स्ट्रेचर, इमरजेंसी मेडिकल किट, अग्निशन यंत्र, बीपी मापक यंत्र, आला समेत अन्य चिकित्सकीय मानक नहीं थे।
मरीजों की सौदेबाजी के बाद आरटीओ की टूटी नींद
एसएन इमरजेंसी के बाहर फिरोजाबाद के मरीज को कमीशन के लिए भगवान टॉकीज स्थित श्री हरि हॉस्पिटल एंड ट्रामा सेंटर में भर्ती कराने के मामले के बाद भी आरटीओ और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी सक्रिय नहीं हुए। इस पर मुख्यमंत्री और डीएम की सख्ती के बाद अधिकारियों की नींद टूटी और जांच अभियान चलाया।
एसएन में निजी एंबुलेंस खड़ी मिलने पर पुलिस को सूचना
एसएन प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि 13 सितंबर को थाना एमएम गेट में पत्र भेजकर अनाधिकृत तरीके से एसएन परिसर और इमरजेंसी के बाहर खड़ी होने वाली एंबुलेंस को पकड़ने और चालकों पर कार्रवाई के लिए कह चुके हैं। स्टाफ को निर्देशित किया है कि निजी एंबुलेंस खड़ी मिले तो उसका नंबर नोट कर पुलिस को सूचना दें।