मैनपुरी। जिले की 384 ग्राम पंचायतों में एक बार भी ऑनलाइन भुगतान नहीं किया गया। शासन से रिपोर्ट भेजे जाने के बाद पंचायत राज विभाग ने सभी पंचायतों को नोटिस जारी किया है। शुक्रवार तक भुगतान नहीं हुआ तो सचिवों की वेतन वृद्धि रोकने के साथ ही उन्हें प्रतिकूल प्रविष्टि दी जाएगी।
जिले में कुल 552 ग्राम पंचायतें हैं। सभी में बीते डेढ़ साल से ऑनलाइन भुगतान की प्रक्रिया लागू कर दी गई है। इसके लिए प्रधान और सचिव को अपने डिजिटल हस्ताक्षर का प्रयोग करते हुए ऑनलाइन ही भुगतान करना होता है। लेकिन जिले की 384 ग्राम पंचायतों ने 15वें वित्त के खाते से एक बार भी ऑनलाइन भुगतान नहीं किया। चतुर्थ वित्त में 78 ग्राम पंचायतों ने और 14वें वित्त में 28 ग्राम पंचायतों ने एक बार भी पूरे वित्तीय वर्ष में भुगतान नहीं किया।
शासन ने इसकी रिपोर्ट जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) को भेजी थी। इस पर डीपीआरओ स्वामीदीन ने सभी 384 ग्राम पंचायतों के सचिवों को नोटिस जारी कर दिया है। इसमें 25 सितंबर तक भुगतान कराने के सख्त आदेश दिए गए हैं।
इसलिए आ रही समस्या
ग्राम पंचायतों में भुगतान न होने की समस्या प्रधान और सचिव में सामंजस्य न होने के कारण आ रही है। हाल ये है कि सचिवों ने प्रधान के मानदेय तक का भुगतान नहीं किया है। इससे साफ है कि जानबूझकर सचिव द्वारा भुगतान को रोका गया है।
-552 हैं जिले में कुल ग्राम पंचायतें
-384 ग्राम पंचायतों में 15वें वित्त से नहीं किया एक भी भुगतान
-78 ग्राम पंचायतों में चतुर्थ वित्त से नहीं किया एक भी भुगतान
-28 ग्राम पंचायतों में 14वें वित्त से नहीं किया एक भी भुगतान
जिन ग्राम पंचायतों में ऑनलाइन भुगतान नहीं किया गया है, उन्हें नोटिस जारी कर आखिरी मौका दिया गया है। शुक्रवार तक भुगतान न होने पर सचिवों की स्थाई वेतन वृद्धि रोकते हुए प्रतिकूल प्रविष्टि दी जाएगी।
-स्वामीदीन, डीपीआरओ।