मैनपुरी पुलिस ने चोरी और छिनैती हुए 130 मोबाइल बरामद किए। हैरानी की बात ये रही कि किसी में भी न तो मुल्जिम का पता था और नाहीं मुकदमा का। एसपी ने जब इस बारे में पूछा तो अधीनस्थ एक दूसरे को देखने लगे।
किसी का मोबाइल छीना गया तो किसी का चोरी हो गया। सभी ने थानों में शिकायत दी। बुधवार को सर्विलांस टीम ने 130 मोबाइल बरामदगी दिखाते हुए शिकायतकर्ताओं को वापस लौटाएं। इस पूरी प्रक्रिया में जब चोर और मुकदमों के बारे में पूछा गया तो सब चुप्पी साध गए। सवाल यह है कि आखिर यह 130 मोबाइल पुलिस ने कहां से और किससे बरामद किए। जिनसे बरामदगी हुई, उन पर मुकदमा क्यों नहीं दर्ज किया गया।
विज्ञापन
बुधवार को एसपी विनोद कुमार की ओर से सर्विलांस टीम द्वारा बरामद 130 मोबाइल को उपभोक्ताओं को वापस लौटाए। मोबाइल पाने वालों के लिए ये बेहद खुशी की बात थी। सर्विलांस टीम भी अपनी पीठ थपथपा रही है।
मगर, पुलिस से जब बरामदगी और आरोपियों के संंबंध में सवाल हुए अधिकारी भी बातों को दाएं-बाएं करने लगे। सवाल उठे कि इतनी बड़ी संख्या में मोबाइल मिले हैं तो जाहिर सी बात है कि आपराधिक मुकदमा भी होना चाहिए, लेकिन मुकदमों के नाम पर खाता शून्य ही है। एसपी विनोद कुमार ने कहा कि उनकी प्राथमिकता चोरी, गुम मोबाइल को ढूंढना होती है। वहीं, सर्विलांस टीम सवालों बचती नजर आई।