इस मामले में एंटी करप्शन टीम आगरा के प्रभारी निरीक्षक शिवराज सिंह ने बताया कि सहायक अध्यापक बनैसिंह की शिकायत पर यह कार्रवाई की गई है। बताया गया कि बनैसिंह का 2018-19 का एरियर लंबित चल रहा था। फरवरी माह में पत्रावली आने के बावजूद एरियर का बिल नहीं बनाया गया। बनैसिंह से इसके लिए लेखाकार कैलाश 5 हजार रुपये की मांग की, दो हजार रुपये देने के बावजूद भुगतान नहीं हो सका।
इस पर एंटी करप्शन से शिकायत की, जिसकी अदायगी के दौरान एंटी करप्शन टीम ने कैलाशचंद्र सारस्वत को रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। इंस्पेक्टर शिवराज सिंह ने बताया कि रिश्वतखोर लेखाकार को मेरठ न्यायालय में पेश किया जायेगा। हालांकि वित्त एवं लेखाधिकारी राहुल यादव ने इस घटनाक्रम से अनभिज्ञता जाहिर की है।
मुख्य लिपिक की भी हो चुकी है गिरफ्तारी
बेसिक शिक्षा में रिश्वत का खेल नया नहीं है। इससे पहले बीएसए कार्यालय के मुख्य लिपिक कुंजबिहारी की गिरफ्तारी भी इसी तरह हो चुकी है। दरअसल, बेसिक शिक्षा से जुड़े वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय, बीएसए कार्यालय और खंड शिक्षाधिकारी कार्यालय में शिक्षक और शिक्षणेतर कर्मचारियों के वेतन, एरियर, पेंशन संबंधी लंबित पत्रावलियों के समय पर निस्तारण न होने की शिकायतें आम हो गई हैं।
आए दिन परेशान शिक्षक डीएम और बीएसए से शिकायत करते रहते हैं। यहां तक कि एंटी करप्शन द्वारा पकडे़ शिक्षक की कई शिकायत डीएम और बीएसए से की गईं थीं लेकिन स्थिति में कोई सुधार न होने पर तंग आए शिक्षक ने एंटी करप्शन की मदद ली।