मैनपुरी। आर्य समाज मंदिर की कार्यकारिणी को लेकर चल रहे विवाद में एक बार फिर पदाधिकारी सामने आए। खुद को मंदिर का प्रधान बताते हुए महेंद्र आर्य ने पत्रकार वार्ता में कहा कि तथाकथित पदाधिकारी उन्हें झूठा फंसाने की तैयारी कर रहे हैं। कार्यकारिणी हर जांच के लिए तैयार है। वह रविवार को पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
शहर के हरिदर्शन नगर स्थित आर्य समाज के महामंत्री अनिल कुमार के आवास पर रविवार को पत्रकार वार्ता हुई। इसमें महेंद्र आर्य ने कहा कि आलोक दुबे बिना किसी मान्यता के खुद को आर्य समाज मंदिर का तथाकथित प्रधान बता रहे हैं। वे कभी भी आर्य समाज मंदिर के सदस्य भी नहीं रहे। उन्होंने बताया कि पदाधिकारियों को फंसाने के उद्देश्य और आर्य समाज मंदिर पर अधिकार करने के लिए उन्होंने पदाधिकारियों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई।
इस एफआईआर में उन्होंने कार्यकारिणी से हटाए जाने के बाद भी प्रधान महेंद्र आर्य और महामंत्री अनिल कुमार द्वारा बैंक से रुपये निकालने की बात की है। जबकि उन्हें प्रदेश कमेटी में गायत्री दीक्षित के बाद कार्यकारी प्रधान बने वीरेंद्र रत्नम ने बहाल कर दिया था। उन्होंने कहा कि एफआईआर की भी जांच चल रही है। इसके साथ ही बैंक से निकाली गई धनराशि व अन्य सभी दस्तावेज उनके पास हैं, वे हर प्रकार की जांच के लिए तैयार हैं। जांच में जो भी दोषी होगा सामने आ जाएगा।