आगरा में व्यापारी की हत्या का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। व्यापारी की हत्या उसके दोस्त ने की थी। उधार दिए पौने दो लाख रुपये मांगने पर आरोपी ने तीन साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दे डाला।
पांच दिन पहले ट्रांस यमुना क्षेत्र से लापता हुए पायल (आर्टिफिशियल) कारोबारी विनोद कुमार गुप्ता (52) की हत्या करके शव को यमुना के किनारे फेंक दिया गया था। कारोबारी के ऑटो चालक दोस्त आलोक ने अपने 3 साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया था। कारोबारी ने दोस्त को 1.75 लाख का कर्ज दिया था।
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तगादा करने पर हत्या कर दी गई। पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। कारोबारी के परिजन ने पुलिस पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। कृष्णा कान्हा रेजीडेंसी, कालिंदी विहार निवासी विनोद कुमार गुप्ता 27 जुलाई की रात 8:30 बजे अनिल का फोन आने पर घर से निकले थे।
जब रात 9 बजे तक नहीं लौटे तो पत्नी बबीता गुप्ता ने उन्हें कॉल किया लेकिन 2-3 रिंग जाने के बाद मोबाइल बंद हो गया। परिजन चिंतित हो गए। रातभर तलाश करते रहे। ट्रांस यमुना थाने गए तो पुलिस ने कहा कि 12 घंटे बाद गुमशुदगी दर्ज होगी। अगले दिन पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज की।
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डीसीपी सिटी सूरज राय ने बताया कि विनोद की अनिल नामक ऑटो चालक से दोस्ती थी। अनिल उनके घर भी आया-जाया करता था। विनोद ने उसे 1.75 लाख रुपये उधार दिए थे। पिछले कुछ दिनों से वह रकम वापस करने का दबाव बना रहे थे।
उधारी नहीं चुकानी पड़े इसलिए आलोक ने हत्या की साजिश रची। अपने 3 साथियों के साथ मिलकर विनोद को गला घोंटकर मार डाला। मंगलवार को शिनाख्त होने के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी अनिल, रोहित, विशाल और संदीप को गिरफ्तार कर लिया है।
पूछताछ में पता चला कि हत्यारोपी साजिश के तहत विनोद कुमार को ऑटो से ले गए थे। शव को एत्मादपुर के छलेसर चौकी क्षेत्र स्थित रायपुर घाट के पास यमुना किनारे फेंका था। 28 जुलाई को थाना एत्मादपुर पुलिस को अज्ञात शव मिला था। पुलिस ने उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था।
पुलिस की लापरवाही, समन्वय नहीं होने से शिनाख्त में हुई देरी
ट्रांस यमुना और एत्मादपुर थाना क्षेत्र की सीमाएं आपस में सटी हुई हैं। कारोबारी 27 जुलाई को लापता हुए। 28 जुलाई को एत्मादपुर क्षेत्र में एक अज्ञात शव मिला। ट्रांस यमुना थाने में उसी दिन 28 जुलाई को गुमशुदगी दर्ज हुई।
पुलिस सजग होती तो 28 जुलाई को ही विनोद की हत्या की जानकारी हो जाती। यह स्थिति तब है जब अज्ञात शव मिलते ही इसकी सूचना कंट्रोल को दी जाती है। एत्मादपुर पुलिस ने अज्ञात शव की सूचना नोट कराई थी। फोटो भी भेजा था। मृतक का फोटो पुलिस ग्रुप भी में वायरल किया गया था।