आगरा। डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के गिरते शैक्षिक स्तर पर किसी अधिकारी का ध्यान नहीं हैं। हां, कालेजों की संबद्धता पर जरूर ध्यान दिया जा रहा है। नई संबद्धता के लिए पांच जुलाई को शासन के पास विश्वविद्यालय ने 40 कालेजों की फाइलें भेज दी गई हैं। जबकि अब तक विश्वविद्यालय के पास 200 नई फाइलें एनओसी के लिए आ चुकी हैं।
विश्वविद्यालय के खंदारी और पालीवाल दोनों ही कैंपस में पिछले 10 सालों के मुकाबले छात्र-छात्राओं की संख्या घटकर 40 फीसदी रह गई है। न परीक्षाएं समय से हो रही हैं, न परिणाम समय से आ रहा है। इसकी एक वजह विश्वविद्यालय से अधिक कालेज अटैच होने हैं। खुद शासन ने उच्च शिक्षा में निजी निवेश के तहत संबद्ध कालेजों की संख्या के मूल्यांकन को एक समिति गठित की थी, जिसका चेयरमैन कुलपति प्रो. मोहम्मद मुजम्मिल हैं। प्रो. मुजम्मिल ने भी कहा कि किसी भी विश्वविद्यालय के बेहतर संचालन के लिए 250 से अधिक कालेज संबद्ध नहीं होने चाहिए।
बावजूद इसके विश्वविद्यालय से अब तक 650 कालेज विश्वविद्यालय से संबद्ध हैं और यदि अभी गई फाइलों पर मुहर लग जाती है, तो इनकी संख्या 690 हो जाएगी।
साल में दो बार भेजी जाती हैं फाइलें
विश्वविद्यालय की ओर से संबद्धता के लिए साल में दो बार फाइलें भेजी जाती हैं। रजिस्ट्रार कार्यालय के कर्मचारी ने बताया कि यह 40 फाइलें, दिसंबर-2013 की हैं। जिन्हें अब जाकर भेजा गया है। इतना ही नहीं जून सत्र के लिए 200 कालेजों की फाइल एनओसी के लिए कार्यालय में आ चुकी हैं।