आगरा। आगरा-जयपुर रेल मार्ग पर क्षत-विक्षत लाश पर गुजरती ट्रेनों को देख लोगों की रूह कांप गई, लेकिन दो-दो थानों की पुलिस संवदेनाहीन बनी रही। लाश को तो लोगों ने ट्रैक से हटा दिया, लेकिन आठ घंटे तक पुलिस सीमा विवाद के कारण शव को वहां से हटा नहीं पाई। आखिर अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद शाहगंज पुलिस ने पंचनामा की कार्रवाई की और शव को पीएम के लिए भेजा।
घटना सोमवार-मंगलवार रात्रि की है। मंगलवार सुबह करीब सात बजे पुलिस कंट्रोल रूम पर सूचना आई कि पथौली स्थित वायु विहार के पास आगरा-जयपुर रेलवे ट्रैक के फाटक नंबर आठ पर एक क्षत विक्षत लाश पड़ी है। उसके ऊपर से ट्रेनें गुजर रही हैं। सूचना पर थाना जगदीशपुरा पुलिस की मोबाइल जब तक पहुंचती लोगों ने शव को ट्रैक के किनारे रख दिया। कोबरा मोबाइल ने दूर से ही शव देखा और यह कहकर चली गई कि मामला शाहगंज का है। एक बार फिर स्थानीय लोगों ने सौ नंबर पर जानकारी दी। इसके कुछ देर बाद शाहगंज पुलिस की कोबरा मोबाइल मौके पर पहुंची। सिपाहियों ने शव देखा और वह भी यह कह कर चले गए कि मामला जगदीशपुरा थाना क्षेत्र का है।
वहीं पुलिस लाइन से शव को पीएम हाउस तक पहुंचाने के लिए शेरा मोबाइल मौके पर पहुंच चुकी थी, लेकिन बिना कार्रवाई के मोबाइल कर्मियों भी शव को नहीं उठाया। उनका कहना था कि किसी भी थाने की पुलिस पंचनामा भर दे, वह शव को पीएम हाउस पहुंचा देंगे। इस सब में तीन घंटे बीच चुके थे। क्षेत्रीय लोगाें में रोष बढ़ता जा रहा था। उन्होंने हारकर घटना की जानकारी पुलिस के आला अधिकारियों को दी। उनके हस्तक्षेप के बाद तय हुआ कि मामला शाहगंज का है। आखिर दोपहर 11.30 बजे शव मौके से उठाया गया। युवक के सिर से कई बार ट्रेन के गुजर जाने के कारण वह बुरी तरह कुचल गया था। इससे उसकी शिनाख्त नहीं हो सकी।
शव देखने के बाद भी सोता रहा गैंगमैन
क्षेत्रीय लोगों की मानें तो रात तीन बजे अचानक युवक ट्रेन के आगे लेट गया था। चालक ने उसे देख भी लिया था, लेकिन जब तक ट्रेन रोकता युवक कट चुका था। इसके बावजूद चालक ने फाटक के पास ट्रेन को रोका और सो रहे गेटमैन को जगा कर घटना की जानकारी दी। गेटमैन अधिकारियों को इसकी जानकारी देने के बजाए फिर सो गया। सुबह जब लोगों ने शव से ट्रेनों को गुजरते देखा तो उन्होंने पुलिस को अवगत कराया।