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मटर के भाव गिरे, किसान परेशान

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कासगंज। जिले में पिछले कई वर्षों से मटर का उत्पादन लगातार बढ़ रहा है। विगत वर्ष अच्छी कीमत मिलने पर इस वर्ष जिले में मटर का रकबा बढ़ गया। हालांकि इस बार मटर की कीमत औंधे मुंह गिर गई। विगत एक सप्ताह में मटर का भाव पांच रुपये से सात रुपये प्रतिकिलो रहा है। कम कीमत पर किसानों की लागत भी नहीं निकल पा रही है। इससे किसान परेशान हैं।

जिले के कई हिस्सों में किसान मटर की फसल करते हैं। जिले की सीमा से लगे हाथरस, बदायूं, अलीगढ़ जनपदों के किसान भी मटर की फसल करते हैं। इन तीनों जिलों की मटर का उत्पादन भी मोहनपुरा मटर मंडी में आता है। इस समय मंडी में 15 से 20 हजार बोरी प्रतिदिन मटर की आवक है। यह मटर दिल्ली, राजस्थान, उत्तराखंड, मध्यप्रदेश आदि राज्यों में जाती है।
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इस समय मटर मंडी में प्रतिदिन सैंकड़ों की संख्या में किसान अपनी उपज बिक्री के लिए लेकर पहुंच रहे हैं। कीमतें कम होने के कारण मंडी पहुंचने वाले किसानों को मायूसी हाथ लग रही है। सीजन शुरू होने पर भी मटर अधिकतम 12 रुपये किलो के भाव से बिकी, लेकिन अब यह कीमत पांच रुपये तक पहुंच गई है।


क्या बोले किसान-
- मटर के भाव गिरने से किसानों को काफी नुकसान झेलना पड़ रहा है। 5 रुपये प्रतिकिलो की कीमत पर मटर बिक रही है। इससे लागत भी नहीं निकल पा रही- चोब सिंह, गोरहा।
- किसान जो भी फसल करता है उसका लागत मूल्य भी नहीं मिल पाता। आखिर कब तक किसान अपनी उपज के उचित मूल्य के लिए परेशान रहेगा- ठाकुरदास, महावर।
- भूसे की कीमतें 12 रुपये किलो है, लेकिन मटर 5 रुपये किलो बिक रही है। आखिर यह कैसा बाजार है जो किसान को उसकी लागत भी नहीं मिल पा रही- अजय कुमार ढोलना।
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- सरकार किसानों को फसल का दोगुना मूल्य देने का वादा करती है, लेकिन फसल का दोगुना मूल्य तो दूर किसानों को लागत भी हाथ नहीं लग पा रही- देवदत्त, विजयपुर।
आंकड़े-
- 6 हजार हेक्टेयर मटर उत्पादन क्षेत्रफल
- 5 रुपये रविवार को मटर की कीमत।
- 15 से 20 हजार बोरी प्रतिदिन मटर मंडी में आवक
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