बोर्ड एमबीबीएस का, प्रसव कर रही झोलाछाप
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एटा। जिले में स्वास्थ्य विभाग की सख्ती के बाद भी झोलाछापों की मनमानी पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शहर में चल रहे अवैध क्लीनिकों और नर्सिंग होम पर छापेमारी की। इस दौरान आशीष कांपलेक्स में एक क्लीनिक पर एमबीबीएस डाक्टर का बोर्ड लगा था जबकि यहां एक झोलाछाप गर्भवती का प्रसव करती मिलती। इसके साथ ही करीब छह क्लीनिक बिना पंजीकरण संचालित होते मिले। अधिकारियों ने झोलाछापों को सख्त हिदायत देते हुए क्लीनिकों को बंद करने का नोटिस दिया है।
एसीएमओ डा. चंद्रशेखर शर्मा के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सबसे पहले गांधी मार्केट में डा. महावीर जैन के यहां छापा मारा। यहां आयुर्वेद के पंजीकरण पर मरीजों को एलोपैथिक दवाएं दी जा रही थीं। साथ ही पंजीकरण की वैधता समाप्त हो चुकी थी। गांधी मार्केट में केपी डेंटल क्लीनिक बिना पंजीकरण के चलता मिला। इसकेे बाद टीम शिकोहाबाद रोड पर आशीष कांपलेक्स में पहुंची। जहां मां पूर्णागिरी क्लीनिक पर एमीबीबीएस डा. रोहित सिंह का बोर्ड लगा था, लेकिन क्लीनिक के अंदर शशि नाम की महिला प्रसव करती मिली। टीम की सूचना पर गर्भवती को क्लीनिक के बेसमेंट में छिपा दिया, लेकिन टीम ने महिला का पता कर लिया। पूछताछ में गर्भवती महिला ने बताया कि वह यहां शशि से प्रसव कराने आई थी। इस पर एसीएमओ ने महिला को अवैध कारोबार को बंद करने के निर्देश दिए। साथ ही डाक्टर को नोटिस दिया है। वहीं प्रेमनगर में अंशू गुप्ता के यहां अवैध ब्लड बैंक के संचालन की शिकायत पर टीम पहुंची, लेकिन तब तक झोलाछाप ताले डालकर फरार हो गए। इस पर टीम ने नोटिस चस्पा किया है। वहीं शिकोहाबाद रोड पर बीएएमएस डा. विशाल गुप्ता के यहां नर्सिंग होम का संचालन होते मिला। वहीं शिकोहाबाद पर रोड पर ही मुकेश नाम का व्यक्ति अवैध क्लीनिक का संचालन करते पकड़ा गया। जिस पर टीम ने नोटिस जारी किया है।
एसीएमओ डा. चंद्रशेखर शर्मा ने बताया कि किसी भी झोलाछाप को बख्शा नहीं जाएगा। इसलिए वे अपने अवैध कारोबार को बंद कर दें। नोटिस का जबाव नहीं देने पर सख्त कार्रवाई होगी।
सीज अल्ट्रासाउंड सेंटर की जांच को पहुंची एसडीएम - फोटो
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट और एसडीएम प्रेरणा सिंह ने गुरुवार को पटियाली गेट स्थित जेपी अल्ट्रासाउंड सेंटर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अल्ट्रासाउंड सेंटर के अभिलेखों की जांच-पड़ताल की। दरअसल, पिछले दिनों महिला मरीज को गलत अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट देने पर एसीएमओ डा. पीके शर्मा ने सेंटर को सीज कर दिया था। एसीएमओ की रिपोर्ट पर डीएम ने एसडीएम प्रेरणा सिंह को जांच सौंपी थी। गुरुवार को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट और एसडीएम प्रेरणा सिंह ने सेंटर का निरीक्षण कर अभिलेखों की जांच की। उन्होंने कहा कि शिकाय्त के आधार पर अभिलेखों की जांच की जा रही है। गड़बड़ी मिलने पर सेंटर संचालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।