सड़क हादसों को रोकने के लिए पुलिस की मुहिम रंग नहीं ला पा रही है। लगातार जागरूकता कार्यक्रम, चेकिंग अभियान के बाद भी लोग सबक नहीं ले रहे हैं। वर्ष 2018 के तीन माह में ही 129 हादसे हो चुके हैं जिसमें 53 मौत हुई।
वर्ष 2008 में जिले में 120 सड़क हादसे हुए। जिनमें 78 लोगों की मौत हो गई। जबकि 118 घायल हुए। वर्ष 2018 के तीन माह में 129 हादसे हो चुके हैं। जिनमें 53 लोगों की मौत हो गई। जबकि 178 घायल हुए। इस साल जो हादसे हुए हैं उनमें 95 प्रतिशत हादसे बाइक से जुड़े हैं।
हादसों में मौत की वजह हेलमेट न लगाना या फिर ट्रिपल राइडिंग सामने आई। महिलाओं को बिठाकर ट्रिपिल राइडिंग की जाती है। कभी कभी तो स्थिति ऐसी होती है कि बच्चे को टंकी पर बिठा लेते हैं। मां की गोद में भी बच्चा लटका रहता है। हेलमेट लगाकर चलना तो वाहन चालक शान के खिलाफ समझते हैं।
2018 में हुए सड़क हादसे
माह हादसे मृतक घायल
जनवरी 21 11 13
फरवरी 40 22 67
मार्च 68 20 98
ये है दुर्घटनाओं के कारण
- वाहन को तीव्र गति से दौड़ाना
- वाहन चलाते समय मोबाइल से बात करना
- शराब के नशे में धुत होकर वाहनों को चलाना
- मोड़ पर तीव्रता से गाड़ी को मोड़ना
- ओवरलोड वाहनों को चलाना
- बाइक पर ट्रिपल राइडिंग करना
- दुपहिया वाहनों पर हेलमेट का प्रयोग न करना
- कासगंज सिकंदराराऊ मार्ग पर हजारा नहर मोड़
- नदरई पर काली मंदिर से पूर्व मोड़
- अशोक नगर तिराहा
- सहावर गंजडुडवारा मार्ग
- कासगंज सिकंदराराऊ मार्ग का अथैया चौराहा
- कासगंज बरेली मार्ग का प्रहलादपुर
- पटियाली एटा रोड फाटक
- कासगंज अमांपुर मार्ग
दो पहिया वाहन पर ट्रिपिल राइडिंग रोकने, वाहन चालक को हेलमेट का प्रयोग कराने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है।
- पीयूष श्रीवास्तव, डीआईजी