मैनपुरी। थाना बिछवां के गांव गोशलपुर में बकरे द्वारा नीम का पौधा चर लेने के विवाद में 17 साल पहले हुई वृद्ध की हत्या के मामले में अदालत ने गांव के ही छह लोगों को दोषी पाया है। एफटीसी जज प्रथम के निर्देश पर पुलिस ने सभी दोषियों को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया है। 30 नवंबर को इन्हें सजा सुनाई जाएगी।
थाना बिछवां के गोशलपुर निवासी करन सिंह और गंधर्व सिंह के मकान अगल-बगल हैं। 18 मई 2000 की सुबह करीब आठ बजे गंधर्व सिंह का बकरा करन सिंह के मकान के बाहर लगे नीम के पौधे को खा रहा था। करन सिंह के विरोध करने पर गंधर्व सिंह, जुगेंद्र सिंह, राजकुमार, जयपाल, नरेंद्र सिंह, अवधेश उसके घर पर आ गए।
कहासुनी के दौरान की गई फायरिंग से करन सिंह के पिता धनपाल की मौत हो गई। जबकि करन सिंह और उनका चचेरा भाई जितेंद्र घायल हो गए। करन सिंह की तहरीर पर पुलिस ने गंधर्व सिंह, जुगेंद्र सिंह, राजकुमार, जयपाल, नरेंद्र सिंह, अवधेश के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की।
साथ ही जांच के बाद आरोपपत्र अदालत में दाखिल किया। हत्याकांड की सुनवाई एफटीसी प्रथम के जज आनंद कुमार सिंह की अदालत में हुई। अभियोजन पक्ष की गवाही और सहायक शासकीय अधिवक्ता अशोक कुमार पंकज की दलीलों के आधार पर अदालत ने इन छह लोगों को धनपाल सिंह की हत्या करने का दोषी पाया है। सभी को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया है।
धनपाल के हत्या के दोषी मिले गंधर्व सिंह, जुगेंद्र सिंह, राजकुमार, जयपाल और नरेंद्र सिंह को किसी भी अदालत से जमानत नहीं मिली। उनको पूरा मुकदमा जेल में रहकर ही लड़ना पड़ा। जबकि अवधेश की जमानत मंजूर हो गई थी। अब 30 नवंबर को सभी को जेल से लाकर सजा सुनाई जाएगी।