विभाग से नहीं, न्यायालय से होगा निस्तारण
एडीएम सिटी व प्रभारी अधिकारी डॉ. प्रभाकांत अवस्थी ने कहा कि कुछ शिकायतें ऐसी होती हैं जिनका निस्तारण न्यायालय स्तर से हो सकता है विभागीय स्तर से नहीं। आवेदक को संतुष्ट करना विभागीय अधिकारियों को जिम्मेदारी है। ऐसे संदर्भ को डिफॉल्टर मानते हुए जांच कराई जाती है।
पांच शिकायतें निपटाई
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट लक्ष्मी एन. सिंह ने बताया कि 89 शिकायतों में पांच शिकायतों का मौके पर निस्तारण किया है। उन्होंने कहा, पांचों शिकायत राजस्व विभाग से संबंधित थी। पुरानी जिन शिकायतों का निस्तारण नहीं हुआ उनके संबंध में विभागों को नोटिस जारी किए हैं। रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी जाएगी।
जर्जर आवास, फर्जी निस्तारण
लोहामंडी निवासी विधाराज ने कहा कि शास्त्रीपुरम में बीएसयूपी योजना से 496 आवास बने हैं। सबकी हालत जर्जर है। छतों पर प्लास्टर नहीं। सीढ़ियों के पत्थर टूटे हैं। रसोई में स्लैब अधूरी है। एडीए ने शिकायत का फर्जी निस्तारण कर दिया।
गला देवहंस निवासी सोवरन सिंह ने शिकायत में कहा कि ग्राम पंचायत की जमीन जो अभिलेखों मे खाद के गड्ढे दर्ज है। उस पर गांव के दबंगों ने निर्माण कर लिया है। कमिश्नर ने डौकी पुलिस व लेखपाल को मौके पर भेजा। कमिश्नर ने पुरानी शिकायतों का सत्यापन करने के लिए आवेदकों को फोन किए। आवेदक ने निस्तारण से असंतुष्टि जताई। कमिश्नर ने एडीएम सिटी, एसडीएम व पुलिस अधीक्षक से गुणवत्ता युक्त निस्तारण के निर्देश दिए हैं।
किरावली में आई 71 शिकायतें
किरावली में पुलिस अधीक्षक सत्यजीत गुप्ता की अध्यक्षता में तहसील दिवस में 71 शिकायतें आई। सीकरी चार हिस्सा में विद्यालय की जमीन पर अतिक्रमण की शिकायत शिक्षक राजकुमार शर्मा ने की। एसपीआरए ने तत्काल एफआईआर के आदेश दिए। कुल आठ शिकायतों का मौके पर निस्तारण किया। जिनमें राजस्व, शिक्षा, पुलिस, ब्लॉक व बिजली समस्याएं थी। एसडीएम किरावली विनोद जोशी आदि मौजूद रहे।