मथुरा। नगर निगम में शिकायत दर्ज कराने के लिए तैयार किए गए कंट्रोल रूम पर 24 घंटे में मात्र दो ही शिकायत दर्ज हो पा रही हैं। शिकायतकर्ताओं के या तो फोन नहीं उठते और अगर शिकायत दर्ज भी हो जाए तो उसका निस्तारण नहीं किया जाता है। इसके चलते परेशान लोगों को कंट्रोल रूम से मोह भंग होता जा रहा है।
करीब एक वर्ष पूर्व नगर निगम अधिकारियों ने शासन के मानकों का अनुपालन करते हुए लोगों की समस्याओं को दर्ज कराने तथा संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने के लिए कंट्रोल रूम तैयार किया था। निगम अधिकारियों की लापरवाही के चलते कंट्रोल रूम पर मात्र 24 घंटे में सिर्फ दो ही शिकायतें दर्ज हो पा रही हैं। इसका कारण कंट्रोल रूम के फोन का न उठना तथा दर्ज शिकायतों का निस्तारण न होना है।
विगत 7 मई से 14 मई तक कंट्रोल रूम पर मात्र 14 शिकायतें ही दर्ज हो सकी हैं। पुराने बस स्टैंड पर मोबाइल सर्विस सेंटर संचालक पंकज भाटिया ने बताया कि उनके क्षेत्र में काफी दिनों से प्रकाश व्यवस्था नहीं है। इस मामले की शिकायत दर्ज कराने के लिए उन्होंने कंट्रोल रूम पर कई दफा फोन किया लेकिन फोन उठ ही नहीं पाया। डैंपियर नगर निवासी जान्हवी ने बताया कि कुछ दिन पहले सड़क टूट गई थी उन्होंने कंट्रोल रूम पर शिकयत दर्ज करानी चाही लेकिन शिकायत दर्ज नहीं हो सकी।
इसी क्षेत्र की रहने वाली पूजा अग्रवाल ने बताया कि निगम अधिकारियों को कंट्रोल रूम को ठीक करने के लिए ध्यान देना चाहिए। धनगांव निवासी डॉ. ओमप्रकाश सिंह ने बताया कि ग्रामीणों ने पेयजल समस्या के लिए कई दफा कंट्रोल रूम को फोन किया लेकिन शिकायत दर्ज नहीं की गई। महापौर डॉ. मुकेश आर्य बंधु ने बताया कि कंट्रोल रूम जनता की समस्याओं को दर्ज करने के लिए तैयार किया गया है। वह इसकी समीक्षा करेंगे।
विधि कार्यालय में चल रहा कंट्रोल रूम
अधिकारियों की लापरवाही ही कहेंगे कि कंट्रोल रूम स्थापित होने के बाद से आज तक उसके लिए न तो कार्यालय बना सके और ना ही पर्याप्त स्टाफ। आज भी कंट्रोल रूम निगम के विधि कार्यालय मेें चल रहा है।