जिले में रविवार की देर सायं आए तूफान ने बिजली विद्युत आपूर्ति प्रभावित कर दिया। पचास गांव की तो बिजली आपूर्ति पूरी तरह से गुल हो गई है। जबकि विभाग को भी लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ है। बिजली व्यवस्था को पटरी पर लाने को कई दिन लगेंगे।
तूफान का बिजली व्यवस्था पर कभी असर पड़ा है। शहरी क्षेत्र के कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। इससे लोगों के सामने दिक्कतें आ गई। पेयजल आपूर्ति व्यवस्था बाधित हो गई। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था पर असर पड़ा है। ग्रामीण क्षेत्रों में सौ से अधिक बिजली के पोल टूट कर गिर चुके है। इससें सोरों क्षेत्र के नगरिया, घटिया, नमैनी, सहावर क्षेत्र के फरोली, धिलोली, पटियाली देहात सहित पचास गांव में पोल टूटने पर लाइन जमीन पर बिछ गईं हैं। अमांपुर के बीनपुर सहित कई इलाकों में ट्रांसफार्मर जमीन पर गिर पड़े। ऐसे में इन गांव में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई है। ग्रामीणों ने पूरी रात अंधेरे में काटी। विभाग के पास के पास स्टॉक में पर्याप्त पोल नहीं है। जिससें बाधित हुई बिजली आपूर्ति को बहाल होने में एक सप्ताह से अधिक का समय लगने का अनुमान है। बिजली आपूर्ति बाधित हो जाने से ग्रामीण भी परेशान है। गेहूं की कटाई होने जाने के बाद खेत खाली हो चुके है। किसानों को इन खेतों में मक्का आदि की बुवाई करनी है। बिजली आपूर्ति न मिल पाने से अब खेतों की परेवट करने में दिक्कतें होगी। विभाग के अधीक्षण अभियंता हरिमोहन ने बताया कि तूफान वजह से विभाग को दस लाख की क्षति का अनुमान है। सभी क्षेत्रों से रिपोर्ट मंगाई जा रही है। शहरी क्षेत्र की तो बिजली आपूर्ति विभाग ने वहाल कर दी है। लेकिन प्रभावित पचास ग्रामों में टूटे पोल व क्षतिग्रस्त हुई लाइनों को ठीक करने में तीन दिन का समय लगने का अनुमान है।