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डीजीपी को पता ही नहीं, प्रदेश के थानों में कितने इंस्पेक्टर

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डीजीपी सुलखान सिंह - फोटो : अमर उजाला
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एटा। प्रदेश में पुलिस विभाग के मुखिया डीजीपी को प्रदेश के थानाें में तैनात इंस्पेक्टरों की जानकारी नहीं है। आरटीआई के जरिए मिली जानकारी में डीजीपी कार्यालय से कार्यकर्ता को जिले स्तर से तैनात इंस्पेक्टर की संख्या जानने को कहा है। जबकि विधानसभा चुनाव में चुनाव आयोग ने थानों में इंस्पेक्टरों की तैनाती करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद भी डीजीपी कार्यालय से अब तक इंस्पेक्टरों की तैनाती पर कोई संज्ञान नहीं लिया जा सका है।
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जैथरा के आरटीआई कार्यकर्ता सुनील कुमार ने पिछले दिनों डीजीपी कार्यालय से सूचना के अधिकार के तहत इंस्पेक्टरों की तैनाती से संबंधित सूचनाएं मांगी थीं। उन्होंने प्रदेश में इंस्पेक्टरों के कुल पद, थानों की संख्या के साथ स्वीकृत पदों के सापेक्ष तैनात इंस्पेक्टरों की संख्या की जानकारी मांगी थी।

इसके जवाब में डीजीपी कार्यालय के जनसूचना अधिकारी ने जो सूचनाएं दी हैं, उसे सुनकर आवेदक हैरत में हैं। कार्यालय से प्राप्त पत्र में कहा गया है कि प्रदेश इंस्पेक्टरों के 5000 पद हैं, जबकि 1463 थाने हैं। मगर पदों के सापेक्ष तैनात इंस्पेक्टरों की संख्या का ब्यौरा डीजीपी कार्यालय के पास नहीं है। कार्यालय ने इसे जिलेवार संकलित करने के लिए कहा है।
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विधानसभा चुनाव के दौरान चुनाव आयोग ने डीजीपी को थानों में इंस्पेक्टरों की तैनाती करने के निर्देश दिए थे। दरअसल, प्रदेश के सभी थानों को कोतवाली में तब्दील किया जा चुका है। थानों की कमान दरोगाओं के हाथ में होती थी।

दारोगा राजनीतिक रसूख के चलते तैनात किए जाते हैं और उनकी तैनाती को लेकर हमेशा उंगलियां उठती रही हैं। इसके चलते चुनाव आयोग ने भी विस चुनाव के वक्त प्रदेश के थानों में इंस्पेक्टरों की तैनाती करने के निर्देश दिए थे। मगर डीजीपी कार्यालय के जवाब से लगता है कि अब तक निर्देश को लेकर कोई पहल नहीं की गई है।
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