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जीएसटी की न जानकारी और न तैयारी, क्या करें व्यापारी

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जीएसटी - फोटो : SELF
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मैनपुरी। जैसे-जैसे जीएसटी लागू होने की तिथि नजदीक आती जा रही है जिले में व्यापारियों की धड़कनें बढ़ती जा रही हैं। कारण न तो उन्हें जीएसटी के संबंध में कोई जानकारी है और न ही उन्हें यह पता है कि इसके लिए क्या तैयारी करनी है। जबकि जीएसटी लागू होने में मात्र तीन दिन शेष रह गए हैं।
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साथ ही संबंधित विभाग के अधिकारियों तक को इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है। व्यापारियों का कहना है कि बिना कोई तैयारी के इस प्रकार के कानून लागू करना केंद्र सरकार की तानाशाही है। इसके लिए उन्हें पहले ट्रेनिंग दी जानी चाहिए थी।

केंद्र सरकार ने एक जुलाई से जम्मू कश्मीर को छोड़कर पूरे देश में एक साथ जीएसटी लागू करने की घोषणा की है। जैसे-जैसे समय नजदीक आता जा रहा है। व्यापारियों की धड़कनें बढ़ती जा रही हैं। एनएमबी के नाम से मिष्ठान और रेस्टोरेंट चलाने वाले रज्जन का कहना है कि जीएसटी लागू होने में मात्र तीन दिन शेष हैं।
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अभी तक उन्हें यह भी नहीं पता कि इसके लिए उन्हें क्या तैयारी करनी हैं। न ही विभाग के कोई अधिकारी ही बता पा रहे हैं कि आखिर वे किस परफार्मा में अपनी बिल बुक छपवाएं। इसके अलावा यदि कंप्यूटर लगवा भी लें तो कौन सा साफ्टवेयर खरीदें आदि की भी जानकारी अधिकारी नहीं दे रहे हैं।

वहीं जूते चप्पल के शोरूम के मालिक राहुल ने बताया कि कुछ समझ ही नहीं आ रहा है कि क्या करना है। न तो अधिकारी ही कुछ बता रहे और न वकील। पूछने पर सभी बस एक ही जवाब देते हैं कि कुछ दिन और इंतजार करो। जीएसटी लागू होने के बाद सबकुछ साफ हो जाएगा।

यही नहीं पुराना स्टाक रखा है उसका क्या करना है। नया स्टाक किसी सीमा तक लेना है आदि को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है। वहीं कंप्यूटर और आपरेटर की भी अलग से व्यवस्था करनी पड़ेगी। इसके कारण काफी तनाव हो रहा है। ऐसा लगा रहा है कि व्यापारी तानाशाही का शिकार हो रहा है। तुगलकी फरमान जारी कर केंद्र सरकार ने व्यापारियों के सामने बड़ी समस्या पैदा कर दी है।

दवा विक्रेता अशोक चौहान ने बताया कि अभी व्यापारियों को जीएसटी के बारे में कुछ भी पता नहीं है। यही कारण है कि उन्हें परेशानी हो रही है। इसके लागू होने और पर्याप्त जानकारी होने पर ही परेशानी कुछ कम होगी। विभागीय अधिकारियों को चाहिए कि वे खुद इसके बारे में पर्याप्त जानकारी कर व्यापारियों को जागरूक करें तब जाकर व्यापारियों के मन से इसका डर कम होगा।

वहीं किराना व्यापारी नेकसे गुप्ता का कहना है कि जीएसटी के बारे में कोई भी कुछ भी जानकारी देने के लिए तैयार नहीं है। हमारे यहां तमाम प्रकार के सामान होते हैं। किस सामान की बिक्री पर कर की दर क्या होगी। इसका रिटर्न किस प्रकार दाखिल करना है यह कोई भी नहीं बता रहा है। इसके चलते व्यापारियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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