एटा। जुलाई में कर्जदार लद्यु और सीमांत किसानों को कर्ज माफी का सर्टिफिकेट मिलना है, लेकिन जिले की बैंक शाखाओं ने नए आदेश के मुताबिक अभी तक कर्जदार किसानों का डाटा तैयार नहीं किया है। जबकि जिले के भर के हजारों किसान कर्ज माफी के इंतजार में कृषि लोन लेने के लिए बैंकों के चक्कर लगा रहे हैं।
जिले में 142 बैंक शाखाएं हैं। जहां से जिले के हजारों किसानों ने करोड़ों रुपये कृषि लोन ले रखा है। योगी सरकार ने पहली कैबिनेट बैठक में लद्यु और सीमांत किसानों का एक लाख रुपये तक का कृषि ऋण माफ करने का ऐलान किया था, लेकिन कई बार कर्ज लेने की तिथियां बदलने के कारण बैंकों को किसानों का ब्योरा जुटाने में परेशानी का सामना करना पड़ा। पिछले महीने राज्य बैंकर्स कमेटी ने आखिरी आदेश जारी कर कहा था कि सिर्फ वे ही किसान कर्ज माफी के दायरे में आएंगे। जिन्होंने मार्च, 2016 तक कृषि लोन लिया है और अप्रैल 2016 से मार्च 2017 तक एक भी किस्त का भुगतान नहीं किया है। आदेश के बाद केनरा बैंक, ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावर्त और सहकारी बैंक ने डाटा तैयार कर लिया है, लेकिन एसबीआई, सेंट्रल, पीएनबी, एचडीएफसी, आईसीआईसीआई, आईडीबीआई, एक्सिस, बीओबी, इलाहाबाद बैक ने अभी तक कर्जदार किसानों का ब्योरा तैयार नहीं किया है। खास बात यह है कि लीड बैंक के अधिकारी और कर्मचारी लगातार बैंक शाखाओं के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन बैंक शाखाएं प्रशासन के लिए कर्जदार किसानाें का डाटा उपलब्ध नहीं करा रहीं हैं।
इन बैंकों ने तैयार कराया कर्जदार किसानाें का डाटा
बैंक का नाम किसानों की संख्या कर्ज की रकम
जीएबी 29,498 276.50 (करोड़ रुपये)
केनरा बैंक 23,526 243.10 (करोड़ रुपये)
सहकारी बैंक 55,956 115.73 (करोड़ रुपये)