पटवाई के मथुरापुर पर पीसीएफ के केंद्र पर खुले में पड़ा गेहूं । अमर उजाला
कासगंज। जनपद में क्रय केंद्रों पर बिचौलियों के माध्यम से खरीद के मामले सामने आने के बाद जिला प्रशासन का रुख सख्त हो गया है। प्रशासन ने क्रय केंद्रों पर केंद्र प्रभारियों की मनमानी पर अंकुश लगाने के लिए कड़े कदम उठाए हैं।
जनपद में गेहूं की खरीद के लिए 52 क्रय केंद्र बनाए हैं। क्रय केंद्रों पर प्रभारी किसान से वसूली करने, बिचौलियों के माध्यम से खरीद कर रहे हैं। ऐसे कई मामले प्रशासन के सामने आ चुके है। मुख्यमंत्री से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से हुई वार्ता के बाद जिला प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं। किसान को क्रय केंद्र पर गेहूं बेचते समय राजस्व विभाग के खसरा खतौनी के आधार पर कृषक के संयुक्त भूमि के अंशधारिता और उत्पादित गेहूं के प्रमाणपत्र को जमा करना होगा। केंद्र प्रभारियों को प्रमाण पत्र सुरक्षित रखना होगा, जिससे ाकि निरीक्षण के समय दिखाया जा सके। यदि कोई किसान 60 क्विंटल अथवा अधिक गेहूं बेचने जाता है तो उसे पहले अपने क्षेत्र के एसडीएम से अनुमति लेनी होगी।
दो दिन लघु व सीमांत किसानों के लिए किए निर्धारित
कासगंज। गेहूं की खरीद का लाभ लघु और सीमांत किसानों को देने के लिए दो दिन निर्धारित किए गए हैं। शुक्रवार और शनिवार को लघु और सीमांत किसान क्रय केंद्र पर अपना गेहूं बेच सकेंगे। इन दिनों में अन्य किसानों का गेहूं बिक्री नहीं होगी।
गेहूं की खरीद का लाभ किसानों को देने के लिए कदम उठाए गए हैं। किसानों को लेखपाल और राजस्व निरीक्षक से अपनी खसरा खतौनी की अंशधारिता प्रमाणित करानी होगी। इससे किसान अपने हिस्से का गेहूं ही क्रय केंद्र पर बेच सकेगा।
विजय कुमार शुक्ला जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी