मथुरा। आगरा-दिल्ली रूट पर गुरुवार की सुबह 11:15 बजे महुवन और अलंगपुरा के बीच में रेल लाइन पर मालगाड़ी के डिब्बे का गेट गिर जाने से दिल्ली-पैसेंजर ट्रेन पलटने से बची। यह गेट पैसेंजर के इंजन में फंसकर करीब पचास मीटर तक घिसटा। इससे लाइन के स्लीपर उखड़ गए और सिग्नल प्वाइंट टूट गए। इस घटना के चलते पैसेंजर ट्रेन 57 मिनट लेट हो गई।
आगरा से चलकर नई दिल्ली जाने वाले पैसेंजर ट्रेन आगरा से करीब 11 बजे दिल्ली के लिए रवाना हुई। करीब 11:15 बजे ट्रेन फरह स्टेशन पर पहुंची। फरह स्टेशन से चली ट्रेन जब महुवन और अलंगपुरा के बीच गेट संख्या 521 पर पहुंची तभी चालक को रेलवे लाइन पर लोहे की मोटी चादर पड़ी नजर आई जिसे मालगाड़ी के डिब्बे का फाटक बताया जा रहा है। चालक ने गाड़ी को रोकने के काफी प्रयास किए लेकिन ट्रेन का इंजन इस गेट से टकरा गया और गेट को करीब पचास मीटर दूर तक खींचते हुए ले गया। इससे लाइन के स्लीपर उखड़ गए। सिग्नल का वायर प्वाइंट भी टूट गया था। चालक ने ट्रेन को रोक लिया और तत्काल कंट्रोल रूम को सूचना दी। सूचना पाकर जीआरपी और आरपीएफ के साथ रेलवे का स्टाफ पहुंचा। पैसेंजर ट्रेन भी करीब 10 मिनट तक यहां खड़ी रही। यहां से पैसेंजर को अगले स्टेशन बाद पर ले जाया गया। बाद स्टेशन पर करीब 15 मिनट ट्रेन को रोका गया। यहां से मथुरा जंक्शन पर लाया गया। यहां ट्रेन के चालक और सहायक चालक ने रेलवे अफसरों को पूरा घटनाक्रम बताया। इस बीच यहां ट्रेन करीब आधा घंटे तक खड़ी रही। इस पूरे घटनाक्रम में ट्रेन 57 मिनट लेट हुई है।
डीआरएम के पीआरओ संचित त्यागी का कहना है कि गुड्स ट्रेन से लोहे का टुकड़ा अप रूट पर गिर गया था जिससे दिल्ली की तरफ जा रही पैसेंजर ट्रेन का इंजन टकरा गया था। मामले की जांच कराई जा रही है।
हो सकता था बड़ा हादसा
मथुरा। जिस तरह से रेलवे लाइन पर लोहे का गेट आ गया था उससे बड़ा हादसा हो सकता था। वो तो गनीमत यह रही कि ट्रेन की रफ्तार तेज नहीं थी। क्योंकि फरह रेलवे स्टेशन पर रुकने के बाद ट्रेन आगे बढ़ी थी। बताया जाता है कि जब चालक को रेलवे लाइन पर कोई भारी चीज पड़ी दिखाई दी तो उसने ट्रेन को रोकने की कोशिश की थी। लेकिन फिर भी इंजन लाइन पर पड़े गेट से टकरा ही गया था।