वृंदावन। यमुना खादर में बसी कालोनियों के ध्वस्तीकरण की तैयारियों में लगे अधिकारी बुधवार को अभियान की शुरुआत नहीं कर सके। सुबह होते ही यमुना के कालीदह के आस पास खादर में बसे लोग घरों से निकल आए और परिक्रमा मार्ग जाम कर प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। इसके बाद प्रशासन और याचिकाकर्ता का पुतला दहन किया। लोगों के गुस्से को भांपकर प्रशासन ने पैर पीछे खींच लिए। वहीं, प्रशासनिक अधिकारियों ने दूसरी जगह अस्थाई कब्जे हटाकर खानापूरी पूरी।
मंगलवार को वृंदावन के यमुना खादर में बसीं कालोनियों को खाली करने की मुनादी के बाद लोगों में रोष फैल गया। बुधवार की सुबह होने पर प्रशासन की कार्यवाही के डर से लोग अपने अपने घराें से निकल आए और कालीदह क्षेत्र पर परिक्रमा मार्ग को जाम कर दिया। स्थानीय लोगों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए याचिकाकर्ता मधुमंगल शुक्ल का पुतला दहन किया।
गुस्साए लोगों का कहना है कि कालोनी के लोग विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत में फंस गए हैं। उधर, लोगों का हंगामा देख सिटी मजिस्ट्रेट बसंत कुमार, सीओ सदर विजय शंकर मिश्र कोतवाली में बैठे विप्रा के अधिकारियों का इंतजार करते रहे। शाम को पुलिस के नेतृत्व में विकास प्राधिकरण के जेई ने दूसरी जगह पानीघाट क्षेत्र में सड़क किनारे रखे लकड़ी के खोखों और अस्थाई अतिक्रमण हटवा कर खानापूरी की।
कई मकानों का पास है नक्शा, कई की है रजिस्ट्री
क्षेत्रीय प्रधान श्याम सिंह, श्यामदत्त चतुर्वेदी, गोपाल शर्मा, हरेकृष्ण शर्मा, नवल गिरी, ओम प्रकाश राजू निषाद, नवीन गोस्वामी, वामदेव शर्मा, पूरन सैनी, श्रीदेवी, माध्वीदासी, अर्चना देवी, तोताराम, हेमाराज और विकास ने आरोप लगाया जब हमारे मकान बन रहे थे तब विकास प्राधिकरण और जिला प्रशासन के अधिकारी कहां थे।
उन्होंने कहा कि हमारे मकानों की रजिस्ट्री हुई है कई मकानों के नक्शे भी पास हुए हैं। इन कालोनियों में बिजली, पानी और सीवर की लाइन भी प्रशासन ने बिछाईं हैं। लोगों का अगर हमारे मकानों को तोड़कर बेघर किया गया तो ईंट से ईंट बजा देंगे। वहीं, पूर्व पालिकाध्यक्ष मुकेश गौतम ने लोगों की मांग को प्रदेश सरकार तक पहुंचाने का भरोसा दिया है।
लोगाें के साथ संत भी सक्रिय
वृंदावन। मथुरा वृंदावन विकास प्राधिकरण के कड़े रुख के बाद संत और स्थानीय लोग भी सक्रिय हो गए हैं। पानीघाट स्थित मोरकुटी में संतों और स्थानीय लोगों ने बैठक कर आगे की रणनीति बनाई।