नंदगांव/बरसाना (मथुरा)। जगद्गुरु कृपालु महाराज का 12 वर्ष पुराना सपना 11 फरवरी को वसंत पंचमी के शुभ मुहूर्त में पूरा हो जाएगा। अब श्रद्धालुओं को श्रीजी की मां महारानी कीरत के दर्शन करने का भी सौभाग्य मिलेगा। सात फरवरी से इसके लिए रंगीली महल परिसर में तैयारियां जोरों पर चल रही हैं।
बरसाना में विश्व का पहला विशाल और भव्य कीरत मंदिर बनकर तैयार हो चुका है। इसके उद्घाटन के लिए सात फरवरी से विशेष हवन पूजा, संकीर्तन आदि धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन चल रहा है। वृंदावन के विद्वान पंडित प्राण गोपालाचार्य की टीम प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में जुटी हुई है। डॉ. विशाखा त्रिपाठी, श्यामा त्रिपाठी, कृष्णा त्रिपाठी, घनश्याम त्रिपाठी, बालकृष्ण त्रिपाठी आदि यज्ञ में मौजूद रहे।
शनिवार को प्रात: चार बजे से भगवन्नाम संकीर्तन, छह बजे से विशेष पूजा, शाम छह बजे से रात 10 बजे तक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। कृपालु महाराज के 15 हजार से अधिक अनुयायी कार्यक्रम में पहुंच चुके हैं। रविवार को प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम होने के बाद सत्संगी दर्शन कर सकेंगे। 11 फरवरी को मंदिर को आम जनमानस के लिए खोल दिया जाएगा।
राधाजी के साथ साथ बरसाना में कीरत जी के दर्शनों का सौभाग्य भक्तों को मिल सकेगा। 10 फरवरी का दिन ऐतिहासिक दिन होगा।
- सुनील सिंह, सचिव मान मंदिर सेवा संस्थान