मैनपुरी। जेल में निरुद्ध गरीब बंदियों को अदालत में मुकदमा लड़ने के लिए नि:शुल्क अधिवक्ता मिलेंगे। बीमार होने की स्थिति में उनको तत्काल उपचार दिलाया जाएगा। जेल नियमों के अनुसार ही उनकी परिवारीजनों तथा परिचितों से मिलाई कराई जाएगी। यह निर्देश जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव हरीराम ने दिए।
मंगलवार को प्राधिकरण सचिव ने जेल का निरीक्षण किया। जेल की दो बैरकों में पहुंचकर बंदियों की समस्याएं सुनीं। जेल के वीडियो कॉफ्रेंसिंग कक्ष का निरीक्षण किया। जेल अधीक्षक से कहा जेल जाने से किसी के मूल अधिकार समाप्त नहीं हो जाते हैं। अगर बंदी गरीब है और उसके पास मुकदमा लड़ने के लिए रुपया नहीं है तो उसको प्राधिकरण की ओर से नि:शुल्क वकील उपलब्ध कराए जाएंगे।
महिला बंदियों की समस्याओं का वरीयता के आधार पर निराकरण किया जाए। अदालतों में मुकदमों के शीघ्र निस्तारण के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। गरीबी के चलते कोई बंदी न्याय पाने से वंचित नहीं रहेगा। सचिव ने जेल के अभिलेखों के साथ ही भोजनालय, चिकित्सालय का भी निरीक्षण किया। बंदियों से मुलाकात करने वालों पर चौकस नजर रखने की भी हिदायत दी। पैरालीगल वालंटियर रामरतन शाक्य मौजूद रहे।