फिरोजाबाद। गरीबों के बच्चे अब्दुल कलाम कैसे बनें। उनके लिए खरीदी विज्ञान किट में घोटाले की बू आ रही है। एका ब्लॉक के एबीआरसी (सह-समन्वयक) ने जबरन विद्यालयों में गुणवत्ताविहीन विज्ञान किट की आपूर्ति कराते हुए भुगतान संबंधित फर्म को करा दिया। बीएसए ने संबंधित एनपीआरसी को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब किया है।
पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में विज्ञान किट के लिए शासन ने आठ हजार रुपये की दर से भुगतान किया था। इस पैसे विज्ञान किट खरीदी जानी थी। ताकि गरीबों के बच्चों में वैज्ञानिक प्रतिभा बचपन से निखर सके । योजना अच्छी थी, लेकिन शिक्षा विभाग के ठेकेदारों ने घोटाला करना शुरु कर दिया। एका ब्लॉक के 88 पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में धनराशि भेजी गई थी।
विगत दिनों एबीएसए ने निरीक्षण कर स्कूलों में विज्ञान किट देखी तो गुणत्ताविहीन थी। प्रधानाध्यापकों ने आरोप लगाया कि एबीआरसी पद पर कार्यरत मिथलेश कुमार ने प्रधानाचार्यों पर दबाव बना कर गुणवत्ता विहीन विज्ञान किट की आपूर्ति करा कर फर्म को भुगतान का चेक दिलाया।
एबीआरसी मिथलेश पर आरोप है कि उन्होंने ब्लॉक संसाधन केंद्र के खाते से अनियमित रूप से धनराशि का आहरण किया है। जो धनराशि निकाली गई है, उस आहरण के सापेक्ष कोई सामग्री नहीं खरीदी गई। बीएसए सचिदानंद यादव ने नोटिस जारी कर तीन दिन में स्पष्टीकरण मांगा है। स्पष्टीकरण नहीं देने पर विधिक कार्रवाई की चेतावनी दी है।