कासगंज। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश त्वरित न्यायालय धीरेंद्र कुमार ने गैर इरादतन हत्या के मामले में दो आरोपियों को दोषी मानते हुए 10-10 साल की सजा सुनाई है। दोषियों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। दोनों आरोपी जमानत पर थे। सजा के बाद दोनों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
बता दें कि छह जुलाई 2015 को मानपाल सिंह पुत्र कल्लू सिंह निवासी नगला भूढ़ को गांव के धर्मेंद्र पुत्र हुंडीलाल एवं जय सिंह पुत्र छोटे लाल मजदूरी कराने के लिए बुलाकर ले गए। रात्रि के समय मानपाल सिंह के साथ मारपीट की गई। मारपीट की सूचना पर मानपाल का भाई शिशुपाल भी मौके पर पहुंचा, लेकिन आरोपियों ने उसे भगा दिया। मारपीट के दौरान मानपाल की मौत हो गई। उसका शव मक्का के खेत पर पड़ा मिला। मामले की प्राथमिकी कोतवाली कासगंज में दर्ज कराई गई। पुलिस ने मामले में जांच कर दोनों आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अनूप कुमार ने मामले में आरोपियों को अधिक से अधिक सजा देने की पैरवी की। पूरे मामले के साक्ष्य और बहस का परीक्षण करने के बाद अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश धीरेंद्र कुमार ने दोनों आरोपियों को मानव वध कारित करने का दोषी पाया। दोनों दोषियों को 10-10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई। वहीं दोनों आरोपियों पर 25-25 हजार रुपये का अर्थदंड आरोपित किया गया। अर्थदंड आरोपित न करने पर छह-छह माह का अतिरिक्त कारावास की सजा काटनी होगी।