मथुरा। लोकनिर्माण विभाग के कर्मचारियों और सपा नेताओं के बीच तनातनी बढ़ गई है। कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर काम किया वहीं सपा नेताओं ने कहा कि वह मुकदमा दर्ज कराएंगे। मथुरा पहुंचे लोकनिर्माण विभाग के मंत्री भूपेंद्र सिंह ने अफसरों से घटनाक्रम की जानकारी ली। उन्होंने अफसरों से कहा कि माहौल बिगाड़ने वालों से सख्ती के साथ निपटें।
पीडब्लूडी कार्यालय प्रांतीय खंड में अखिलेश सरकार कार्यकाल की रखी शिला पट्टिकाओं पर कालिख पोत दिए जाने से उत्पन्न विवाद का असर शुक्रवार को भी कलक्ट्रेट में दिखा। पीडब्लूडी कर्मियों ने काली पट्टी बांधकर कामकाज की औपचारिकताएं निभाईं। कार्यालय प्रांगण में सपा के खिलाफ नारेबाजी की।
इसके बाद जुलूस के रूप में प्रदर्शन और नारेबाजी करते हुए प्रांतीय खंड कार्यालय से डीएम आफिस तक पहुंचे। इसका नेतृत्व अधिशासी अभियंता एसके वर्मा ने किया। जिले भर के विभागीय अधिकारी और कर्मचारी उनके साथ थे। गत दिवस हुए उपद्रव, मारपीट के मामले के आरोपियों की गिरफ्तारी की डीएम से मांग की।
शुक्रवार को मथुरा पहुंचे लोकनिर्माण विभाग (एमओएस) के मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने भी मामले की जानकारी ली। मीडिया से कहा कि मामला संज्ञान में आया है, इसे दिखवाया जा रहा है। इधर, सपा नेताओं का आरोप है कि उनकी तहरीर पर थाना सदर में रिपोर्ट दर्ज न किए जाने पर सीजेएम कोर्ट में प्रार्थना पत्र दे दिया है।
पीडब्लूडी अधिकारियों के भ्रष्टाचार के खिलाफ खोलेंगे मोर्चा
मथुरा। कालिख प्रकरण में सपा नेताओं के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होने के बाद जिलाध्यक्ष तनवीर अहमद ने कहा कि अब पीडब्लूडी अधिकारियों के भ्रष्टाचार और काले कारनामों का खुलासा किया जाएगा। इसके लिए पार्टी आंदोलन करेगी। जिलाध्यक्ष ने कहा कि गुरुवार को मारपीट तो शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ पीडब्लूडी कर्मियों ने की है। महिला कार्यकर्ताओं के कपड़े फाड़ दिए। उनके साथ अभद्रता की गई। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की है। अब न्यायालय में प्रार्थना पत्र दे दिया गया है। तनवीर अहमद ने कहा कि अधिशासी अभियंता एसके वर्मा का मथुरा से दो बार स्थानांतरण हो चुका है फिर भी मथुरा में जमे हुए हैं। 150 रुपये की कैट आई की 1500 रुपये में खरीद, पुरानी टाइल्स पर नए का भुगतान किए हैं। सहायक अभियंता बीके मिश्रा जनपद में 20 साल से जमे हुए हैं। अब पार्टी पीडब्लूडी के काले कारनामों के खिलाफ आंदोलन करेगी।