आगरा। पांच दिवसीय दीपोत्सव के पहले दिन मंगलवार को धनतेरस पर बाजार खिलखिला उठा। कोरोना संक्रमण के बाद दिवाली पर पहले जैसी रौनक नजर आई। दोपहर से लेकर देर रात तक बाजार में सोने-चांदी के सिक्कों, आभूषणों की बंपर बिक्री हुई। इलेक्ट्रॉनिक्स, बर्तन, मोबाइल, लैपटॉप के बाजार में देर रात तक रौनक बनी रही। सराफा, ऑटोमोबाइल सेक्टर ने बीते सालों के मुकाबले अच्छी रफ्तार पकड़ी, जिस वजह से धनतेरस पर 450 करोड़ की धनवर्षा से व्यापारियों के चेहरे खिल गए।
सोने-चांदी की चमक से दमका बाजार
जिसकी उम्मीद थी वही हुआ। दो साल से ठप सराफा बाजार मंगलवार को चमक उठा। हल्के और लोगों के बजट में आने वाले सोने-चांदी के आभूषणों की बंपर सेल हुई। दोपहर से ही एमजी रोड, किनारी बाजार, नमक की मंडी, जौहरी बाजार में सराफा प्रतिष्ठानों पर चांदी के लक्ष्मी-गणेश, सिक्के खरीदने वालों की भीड़ रही। चांदी के पुराने सिक्कों को प्रीमियम पर बेचा गया। एमजी रोड स्थित प्रतिष्ठान संचालक अनुराग बंसल ने बताया कि दो साल बाद धनतेरस पर ऐसा बूम देखने को मिला। श्रीसराफा कमेटी के मंत्री देवेंद्र गोयल ने बताया कि बुलियन, आभूषण और सिक्कों को मिलाकर ताजनगरी में 200 करोड़ तक की बिक्री हुई।
ऑटोमोबाइल शोरूम पर उमड़ी भीड़
धनतेरस पर्व पर सुबह से ही ऑटोमोबाइल के शोरूम पर भीड़ रही। लोगों ने बुकिंग पहले करा ली पर डिलीवरी धनतेरस पर ली। दो हजार दोपहिया और 600 से अधिक कारों की बिक्री हुई। करीब 200 व्यावसायिक वाहनों की भी बिक्री हुई। यह आंकड़ा और बढ़ सकता था, लेकिन चिप की कमी और सीएनजी वाहनों की आपूर्ति न होने के कारण डीलर सप्लाई नहीं दे पाए। ऑटोमोबाइल एसोसिएशन की अध्यक्ष रंजना बंसल ने बताया कि दो साल से इंडस्ट्री का बुरा हाल था। इस बार धनतेरस पर उद्योग को संजीवनी मिली है। 80 करोड़ से अधिक की बिक्री हुई है, जो काफी अच्छी है। सीएनजी वाहनों की डिमांड ज्यादा थी, जबकि डिलीवरी कम हो पाई।
खूब सुनाई दी बर्तनों की खनक
धनतेरस पर बर्तनों की खरीद ने इस साल रिकॉर्ड तोड़ दिया। शोरूम से लेकर गली-मोहल्ले की दुकानों तक पर सुबह से लेकर देर रात तक खूब भीड़ रही। राजामंडी के थोक व्यापारी जतिन गोगिया ने बताया कि शहर में करीब 30 करोड़ रुपये के आसपास का कारोबार हुआ है। पिछले दो साल में यह आंकड़ा आठ से दस करोड़ के बीच ही झूल रहा था। कटोरी, चम्मच की जगह स्टील, तांबे और पीतल के बर्तनों की मांग बीते सालों के मुकाबले ज्यादा रही। व्यापारियों के चेहरे खिल उठे हैं।
इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार हुआ गुलजार
सराफा, बर्तन और ऑटोमोबाइल सेक्टर के बाद सर्वाधिक भीड़ इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों के शोरुम में रही। लोगों ने ऑफर्स का फायदा उठाया और देर रात तक खरीददारी की गई। थोक व्यापारी सुरेश गर्ग ने बताया कि लोगों ने ऑफर्स को चुना और प्री बुकिंग करा ली थी। अधिकांश लोग दोपहर बाद अपने उत्पादों की डिलीवरी लेने के लिए शोरूम पर पहुंचे। नए ग्राहक शाम के बाद आए। शहर में करीब 30 करोड़ रुपये से अधिक की बिक्री हुई है।
गैजेट्स के बाजार को मिला बूम
मोबाइल, लैपटॉप, डेस्कटॉप सहित अन्य गैजेट्स भी कोरोनाकाल की भेंट चढ़ गए थे। मोबाइल की सेल में तो 30 फीसदी तक गिरावट देखने को मिली थी। शाह मार्केट एसोसिएशन के अध्यक्ष सौरभ गुप्ता ने बताया कि इस धनतेरस ने व्यापारियों के पिछले नुकसान की काफी भरपाई की है। उम्मीद है कि यह सिलसिला भाई दौज तक चलेगा। इस सेगमेंट में पांच से छह करोड़ के आसपास की सेल हो गई है।
गिफ्ट मार्केट पर भीड़ अपार
धनतेरस पर इस सेगमेंट में भी बिक्री हुई। हालांकि आज के दिन इसमें बाजार कुछ हल्का रहा। छोटी दीपावली और फिर भाई दौज पर बंपर सेल की उम्मीद है। थोक व्यापारी अविनाश सिंह बताते हैं कि मंगलवार को करीब ढाई करोड़ की बिक्री हुई, जो आने वाले दिनों में पांच करोड़ के आंकड़े को पार कर जाएगी। यह इंडस्ट्री के लिए अच्छा संकेत है।
खूब बिक रही मिठाई भी
धनतेरस पर वैसे तो सोने-चांदी और बर्तन की बंपर सेल हुई लेकिन इस सेगमेंट में
भी बिक्री कम नहीं रही। फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया व्यापार मंडल के शिशिर भगत ने बताया कि दीपावली के दिन और फिर भाईदौज पर इस सेगमेंट का बाजार जोड़ पकड़ता है। धनतेरस पर लोगों ने अपने घर के लिए और दोस्तों व रिश्तेदारों के घर पहुंचने के लिए मिठाई खरीदी। करीब तीन करोड़ का व्यापार हुआ, जो आने वाले दिनों में आठ करोड़ तक पहुंचेगा।
सजावटी सामान भी बिका
तेरस के दिन सजावटी सामान भी बिका। इनमें पूजा सामग्री भी शामिल थी। लोगों ने मिट्टी और पीओपी से बने लक्ष्मी-गणेश खरीदे। धनतेरस पर बर्तन के साथ पूजा के सामान की भी बिक्री हुई। थोक व्यापारी गिरधारी गुप्ता ने बताया कि सजावटी सामान की बुधवार को काफी अच्छी सेल की उम्मीद है। पांच से सात करोड़ की बिक्री होने का अनुमान है। शहरभर में मंगलवार को करीब दो करोड़ के आसपास बिक्री हुई।
कपड़ों व अन्य सामान भी खूब बिके
तेरस पर लोगों ने दीपावली की तैयारी के लिए सामान और कपड़े आदि की भी खरीदारी की। खील-बताशे, खिलौने, मेवे, चॉकलेट, नमकीन, बिस्किट आदि सामान भी खूब बिके। शहर के कारोबारियों के मुताबिक धनतेरस पर अन्य सामानों की बिक्री भी 70 से 80 करोड़ रुपये के आसपास रही है।