कासगंज। विधानसभा चुनाव में इस बार बुजुर्ग मतदाताओं का विशेष योगदान रहेगा। जिला की तीनों विधान सभाओं में 437 मतदाता तो सौ साल की आयु पूरी कर चुके हैं। इस बार विधान सभा चुनाव में 80 साल से ऊपर के मतदाताओं को पोस्टल बैलेट की सुविधा मिलने से इन मतदाताओं के मतदान का प्रतिशत बढ़ने की संभावना है, जिससे प्रत्याशियों का गणित गड़बड़ा सकता है।
जिले की तीन विधान सभाओं में 1032230 मतदाता हैं। इनमें से 155160 मतदाता 60 साल की आयु पार कर चुके हैं। चुनाव की बिसात पर मतदाताओं को रिझाने के लिए सभी प्रत्याशी हर संभव प्रयास करते हैं। वह पसंद की घोषणाएं भी करते हैं व आश्वासन भी देते हैं। अधिकतर प्रत्याशियों का फोकस युवाओं और महिलाओं पर रहता है, लेकिन इस बार का विधानसभा चुनाव वृद्धजनों के लिए खास बन गया है। तीनों विधानसभाओं में लगभग 50 हजार के औसत से बुजुर्ग मतदाता हैं। जो किसी भी प्रत्याशी के चुनाव के गणित को प्रभावित कर सकते हैं। निर्वाचन आयोग ने पहली बार 80 साल से ऊपर के मतदाताओं को घर से ही वोट डालने की सुविधा दी है। इस सुविधा मिलने से बुजुर्ग मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग आसानी से कर सकेंगे। ऐसे मतदाताओं की संख्या भी जिला में कम नहीं हैँ। 17970 मतदाता 80 साल या इससे अधिक आयु के हैं। इनमें से 437 मतदाता तो ऐसे हैं जो सौ साल की आयु को पूरी कर चुके हैँ।
सीनियर सिटीजन मतदाता विधान सभावार
विधान सभा 60 से 69 70 से 79 80 से 89 90 से 99 100 प्लस
कासगंज 32426 15492 4806 962 178
अमांपुर 28473 14325 4831 1057 158
पटियाली 10672 15802 4898 979 101
बुजुर्ग मतदाताओं पर प्रत्याशियों का ध्यान नहीं जाता। सरकारें बुजुर्गों के लिए कोई खास योजना भी नहीं चलाती। जबकि उम्र के इस पड़ाव पर बुजुर्गों के लिए सहायता की सबसे अधिक आवश्यकता होती है। गंजडुंडवारा (105)
वोट देने को जो अधिकार मिला है उसका वे अब तक चुनाव में प्रयोग करते आए हैं। निर्वाचन आयोग ने इस बार पोस्टल बैलेट की जो सुविधा प्रदान की है। उससे बुजुर्ग मतदाताओं को काफी राहत मिलेगी। राममूर्ति मिश्रा (109), गंजडुंडवारा