फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कटरी के सन्नाटे में सुनाईं चीखें, रातभर बजते रहे हूटर

विज्ञापन
विज्ञापन
कासगंज। कटरी के गांव किसौल में गुरुवार की रात हत्या की वारदात से सनसनी बनी रही। रात को पुलिस वाहनों के हूटर गूंजते रहे। आस पास के गांव के लोग भी रात में ही किसौल पहुंच गए।
विज्ञापन

वर्ष 2016 के दिसंबर माह में कटरी के गांव किलौनी और किसौल के ग्रामीण खादर की जमीन पर कब्जे को लेकर भिड़ गए और दोनों ओर से हुई ताबड़तोड़ फायरिंग में पांच लोगों की जान गईं थीं। अभी लोग पूरी तरह इस घटना को भूल नहीं पाए हैं कि एक बार कटरी का गांव एक बार फिर से जमीन के लिए खून का प्यासा हो गया। ग्राम प्रधान के पति ने साथियों के साथ मिलकर मात्र जमीन के छोटे से टुकड़े के लिए जिगर के टुकड़े को घायल कर दिया और मां को मौत के घाट उतार दिया। महिला की हत्या के बाद गांव किसौल में भगदड़ मची रही। थोड़ी ही देर में एंबुलेंस और पुलिस की गाड़ियों के हूटर गूंजने लगे। चारों तरफ वाहनों की लाइट और टॉर्च की रोशनी ही दिखाई दी।
मां से लिपट खून से लथपथ हो गई बेटी
कासगंज। रामदास के छह बच्चे हैं। पुत्र अजय, विजय, मनोज, पुत्री संगीता और सरोज हैं। सरोज मां के पास ही लेटी थी। जबकि अन्य बच्चे घर में दूसरी तरफ सोए हुए थे। गोली लगने के बाद जब सुदामा के शरीर से खून की धार बहने लगी तो सरोज मां से चिपक गई। वह कभी मां की ओर निहारती तो कभी भाई की ओर। अन्य बच्चों क ा भी रो रोकर बुरा हाल था।
विज्ञापन

19 मार्च को हुआ था विवाद
कासगंज। रामदास और प्रधान पक्ष के बीच 19 मार्च को ग्राम समाज की जमीन को लेकर विवाद हुआ था। ग्राम समाज की जमीन पर रामदास का पहले से ही कब्जा है। जबकि प्रधान पति सुमित ने इस जमीन का पट्टा किसी और के नाम कर दिया था। बस तभी से विवाद खड़ा हो गया था। थानाध्यक्ष अवधेश भदौरिया ने बताया कि ग्राम समाज के एक छोटे से जमीन के टुकड़े को लेकर विवाद था।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें