फिरोजाबाद। विद्युत विभाग में तैनात जूनियर इंजीनियर्स को विद्युत आपूर्ति सुचारू रखने, राजस्व वसूली, बकाएदारों पर कार्रवाई के साथ बाबू का काम भी करना पड़ेगा। उप्र पावर कारपोरेशन अध्यक्ष के फरमान से जूनियर इंजीनियर्स में रोष है।
विद्युत विभाग में सालों से जूनियर इंजीनियर, बाबू एवं अन्य स्टाफ कमी चल रही है। शहरी क्षेत्रों की अपेक्षा ग्रामीण क्षेत्रों में बने सबस्टेशन पर तैनात जूनियर इंजीनियर्स पर पूरी जिम्मेदारी होती है। उन्हें सबस्टेशन से जुड़े क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति सुचारू रखने, फाल्ट दूर कराने, राजस्व वसूली, बकाएदारों पर कार्रवाई, बिजली चोरी रोकने सहित विभिन्न योजनाओं में संचालित कार्य पूरे करने की चुनौती है।
अभी तक बिल ठीक करने की जिम्मेदारी बाबुओं को सौंपी गई थी, लेकिन अब पावर कारेपोशन ने बिल ठीक करने की जिम्मेदारी जूनियर इंजीनियर्स को सौंप दी है। उप्र पावर कारपोरेशन के निदेशक मंडल की बैठक में चेयरमैन ने अब जूनियर इंजीनियर (वितरण) को चार किलो. वाट तक के बिल संशोधित करने के अधिकार दिए हैं।
यह व्यवस्था ग्रामीण क्षेत्र में लगने वाले कैंपों में उपलब्ध होगी।
राज्य विद्युत जूनियर इंजीनियर संगठन के अध्यक्ष धर्मेंद्र राजपूत ने कहा जूनियर इंजीनियर्स के ऊपर बिल ठीक करने की जिम्मेदारी डालना गलत है। बिल ठीक करना एसडीओ और बाबू का काम है। जब जूनियर इंजीनियर पूरा काम करेंगे तो अधिकारियों और कर्मचारियों की क्या जरुरत है।
फिरोजाबाद में कुल 68 सबस्टेशन बने हुए हैं। विभाग में जूनियर इंजीनियरों कमी है। यही कारण है कि ग्रामीण क्षेत्रों में एक जूनियर इंजीनियर के हवाले तीन से चार सबस्टेशन हैं। ऐसी स्थिति में बिल ठीक करने की जिम्मेदारी जूनियर इंजीनियर्स आने से विद्युत आपूर्ति सुचारू रखना मुश्किल होगा।