एटा। पहले तो लाभार्थी बनकर पेंशन योजना का लाभ उठाते रहे। अब जांच के बाद वसूली में फजीहत हो रही है। इन दिनों जिले में समाज कल्याण विभाग से फर्जी तरीके से पेंशन पा रहे अपात्रों का यही हाल है। जांच के बाद 89 अपात्रों से पेंशन राशि की वसूली हो चुकी है।
सपा सरकार में जिले में छह हजार से ज्यादा लाभार्थियों को वृद्धावस्था पेंशन मिल रही थी। विस चुनाव के बाद भाजपा सरकार बनी तो लाभार्थियों का सत्यापन शुरू किया गया। इसमें विभाग को 1207 मृतक और 93 लाभार्थी अपात्र मिले।
मामले में समाज कल्याण विभाग ने पहले तो सभी अपात्रों की पेंशन रोक दी। साथ ही पेंशन राशि की वसूली कराने के लिए निदेशालय और डीएम को पत्र लिखा गया। शासन और डीएम स्तर से स्वीकृति मिलने के बाद समाज कल्याण विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है।
बैंकों को खाता धारक अपात्रों के नाम और कुल वसूल की जाने वाली राशि का ब्यौरा भेजा गया है। बताया जाता है कि जिले से करीब एक करोड़ रुपये की वसूली की जानी है। बैंकों की ओर से भी रकम की वसूली की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। अब तक 89 अपात्र और मृतकों से आठ लाख 25 हजार रुपये की वसूली की जा चुकी है। इसे लेकर फर्जी पेंशन पा रहे लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
ऐसे हो रही वसूली
जो लाभार्थी मर चुके हैं, उनके परिजनों से लाभार्थी की मृत्यु तिथि के बाद से लेकर अंतिम तिथि तक पाई गई पेंशन की वसूली की जा रही है। साथ ही अपात्रों से पेंशन योजना शुरू होने की तिथि से लेकर अंतिम तिथि तक की पेंशन की वसूली की जा रही है।