एटा। आधार कार्ड अब सिर्फ आपकी पहचान ही नहीं अपितु आपकी जरूरत बन गया है। जी हां! आने वाले समय में सैनिकों और पूर्व सैनिकों की विधवाओं और उनके बच्चों को आधार नंबर के बिना न छात्रवृत्ति मिलेगी और न ही पढ़ाई के लिए आर्थिक सहायता। सैनिक कल्याण पुनर्वास निदेशालय ने आदेश जारी किया है।
जिला स्तर पर सैनिक कल्याण बोर्ड का गठन किया गया है। बोर्ड सैनिकों के परिवारों की विभागों से जुड़ी समस्याआें के निस्तारण में सहायता देती है। वहीं सैनिक कल्याण पुनर्वास दफ्तर में संचालित सैनिक पुनर्वास निधि से सैनिक विधवाओं की बेटियों की शादी के लिए तीस हजार रुपये अनुदान भी दिया जाता है।
सैनिक के बच्चों को कक्षा नौ से लेकर बीटेक और एमटेक तक स्टडी करने के लिए छात्रवृत्ति भी यही बोर्ड प्रदान करता है लेकिन अब सभी सुविधाएं बिना आधार कार्ड नंबर के नहीं मिलेंगी। सैनिक कल्याण पुनर्वास निदेशालय ने शासनादेश जारी किया है। आदेश में साफ कहा गया है कि इस सत्र से बिना आधार नंबर के सैनिकों और उनके परिवारों को दी जाने वाली कोई भी आर्थिक सहायता नहीं मिलेगी। इनमें शादी का अनुदान और बच्चों को मिलने वाली छात्रवृत्ति सुविधा भी शामिल है।
पुनर्वास बोर्ड से मिलतीं हैं ये सहायता
सैनिक कल्याण पुनर्वास बोर्ड सैनिकों और पूर्व सैनिकों के बच्चों को कक्षा नौ के लिए 1500 रुपये, कक्षा बारह के लिए 2000 रुपये, बीटेक, एमटेक और एबीबीएस की पढ़ाई के लिए 12000 रुपये छात्रवृत्ति मिलती है।
शादी के लिए तीस हजार अनुदान
पूर्व सैनिकों की विधवाओं की बेटियों की शादी के लिए सैनिक कल्याण पुनर्वास बोर्ड आवेदन करने पर तीस हजार रुपये अनुदान देता है। अनुदान की राशि विधवा के खाते में सीधे भेजी जाती है। अब अुनदान आवेदन के साथ आधार कार्ड नंबर लगाने पर मिलेगा।