पीएम 2.5 का ज्यादा उत्सर्जन वाहनों से
लॉकडाउन या कोरोना कर्फ्यू के कारण वाहन बेहद कम निकल रहे हैं। आईआईटी की रिपोर्ट स्पष्ट कर चुकी है कि आगरा में पीएम 2.5 कणों का सबसे ज्यादा उत्सर्जन वाहनों और सड़क किनारे की धूल से होता है। यह दोनों 70 फीसदी तक प्रदूषण बढ़ाते हैं। यह रुकते ही आगरा की हवा बेहतर होती है। - उमेश शर्मा, टीटीजेड अथॉरिटी सदस्य
मैकेनिकल स्वीपिंग से और कम होगा प्रदूषण
वाहनों के चलने पर बेहद सूक्ष्म कण ईंधन के जलने से और टायरों के घिसने से उड़ते हैं जो वाहनों के इन दिनों कम चलने से कम हैं। इसीलिए मई में हवा बेहतर हुई है। सड़क किनारे की धूल और मैकेनिकल स्वीपिंग होने लगे तो प्रदूषण में और कमी आएगी। - चंद्रशेखर शर्मा, पर्यावरणविद
तीन साल में मई में ऐसी रही थी हवा
दिन 2021 2020 2019
8 मई 66 60 146
9 मई 68 58 189
10 मई 77 98 199
11 मई 51 62 196
12 मई 59 60 197
13 मई 58 83 149
14 मई 58 77 136
15 मई 106 81 247
16 मई 61 82 176
17 मई 65 83 159
ये भी पढ़ें-
प्यार के आगे झुका परिवार: प्रेमी युगल ने मंदिर में लिए सात फेरे, पुलिसकर्मी बने बराती
चांदी कारोबारी से 43 लाख रुपये हड़पने का मामला: आरोपी सिपाही गिरफ्तार, अधिकारी फरार, पढ़िए पूरा मामला