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संसदीय रण में विधायकों की होगी परीक्षा

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leader - फोटो : अमर उजाला
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एटा। संगठन के सामने भाजपा विधायकों की असली परीक्षा अब है। संगठन ने तो 2017 में एड़ी चोटी का जोर लगाकर चुनाव में बड़ी जीत दिला दी। परिणाम यह हुआ कि एटा की चार और कासगंज की तीनों विधानसभा सीटों पर भगवा रंग चढ़ गया। अब लोकसभा चुनाव में परीक्षा विधायकों की है। वह अपने कार्यकाल की उपलब्धियों और व्यवहार के दम पर लोकसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी को देश के सबसे बड़े सदन तक पहुंचाएं।
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एटा लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत जिले की मारहरा और सदर विधानसभा के अलावा कासगंज की सदर, अमांपुर और पटियाली विधानसभा सीट आती है। पूर्व के लोकसभा चुनाव में मोदी लहर ऐसी चली की राजवीर सिंह राजू भैया को चार लाख से अधिक वोट मिले। वह करीब सवा लाख वोट के अंतर से जीते। मोदी की यह लहर 2017 के विधानसभा चुनाव तक चली। प्रदेश में वनवास झेल रही भाजपा को संजीवनी मिल गई। भाजपा ने पूर्ण बहुमत से यहां सरकार बनाई। एटा और कासगंज की सभी सातों विधानसभा सीटों पर भाजपा ने बड़े अंतर से जीत हासलि की। अब एटा लोकसभा क्षेत्र के अलावा आगरा और फर्रुखाबाद लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों को जिताने की चुनौती भी विधायकों के सामने होगी। इसके लिए विधायकों ने क्षेत्र में कार्यकर्ताओं की टोली संग जाना भी शुरू कर दिया है।
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कुछ ऐसा है वर्तमान परिदृश्य
विस क्षेत्र लोकसभा क्षेत्र विधायक
एटा सदर एटा विपिन वर्मा डेविड (भाजपा)
मारहरा एटा वीरेंद्र लोधी (भाजपा)
जलेसर आगरा संजीव दिवाकर (भाजपा)
अलीगंज फर्रुखाबाद सत्यापाल सिंह (भाजपा)
कासगंज एटा देवेंद्र राजपूत (भाजपा)
अमांपुर एटा देवेंद्र सिंह (भाजपा)
पटियाली एटा ममतेश शाक्य (भाजपा)
किसे कितने मिले थे वोट
विपिन वर्मा डेविड - 82516
वीरेंद्र लोधी - 92507
संजीव दिवाकर - 81502
सत्यापाल सिंह - 88695
देवेंद्र राजपूत - 101540
देवेंद्र सिंह - 85701
ममतेश शाक्य - 72340
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