फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आज गाड़ी कम आईं, सबके हिस्से में 290-290 आए

विज्ञापन
आज गाड़ी कम आईं, सबके हिस्से में 290-290 आए - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
एटा। सुबह से शाम तक सड़कों पर ट्रैफिक सुधारने की जिनके कंधों पर जिम्मेदारी है वह असल में मोटी कमाई कर रहे हैं। सोमवार को वायरल हुए एक वीडियो में इसकी सच्चाई सामने आई है। कुछ ट्रैफिक पुलिस के सिपाही और एक एचसीपी दिन भर की कमाई को बांट रहे हैं। वीडियो में साहब और कमांड ऑफिस का भी जिक्र किया जाता है। मामला सामने आते ही हड़कंप मच गया। एसएसपी ने मामले की जांच कराने की बात कही है।
विज्ञापन

ट्रैफिक पुलिस कर्मियों द्वारा रुपये बांटने का एक वीडियो वायरल हुआ है। बताया जा रहा है कि यह रुपये दिन भर की गई वसूली के हैं। वीडियो में पुलिस कर्मी जितनी ईमानदारी बरत रहे हैं उतनी अगर ड्यूटी में बरतें तो शायद बिगड़े ट्रैफिक के हालात कुछ सुधर जाएं। वीडियो में साफ नजर आ रहा है कि चार पुलिस कर्मी एक टट्टरनुमा दुकान के अंदर खड़े होकर बारी-बारी से रुपये गिन कर बांट रहे हैं। रुपये के बंटवारे में अगर कम ज्यादा हो जाते तो एक दूसरे से अपने कम होने की बात कहते। इस पर रुपये बांटने वाला हिसाब लगाकर सबको बराबर देने की बात कहता है। इसके बाद 50-50 रुपये और दिए जाते हैं। इसके बाद सभी के हिस्से में 290-290 रुपये आते हैं। इस पर हिसाब कम होने की बात कही जाती है तो एक सिपाही कहता है आज गाड़ी भी तो कम आईं हैं। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस की इस कार्यप्रणाली की शहर में चर्चा हो रही है।
कमांड हाउस पर बालूशाही जानी है
रुपये के बंटवारे के दौरान कोई पीछे से कहता है रुपये निकाल लेना। कमांड हाउस पर बालूशाही जानी हैं। इस पर रुपये बांट रहा सिपाही कहता है कि अब कहां बचे रुपये खत्म हो गए। इसके बाद फिर कुछ बात होती है और कमांड हाउस की बालूशाही का इंतजाम किया जाता है।
विज्ञापन

वाहनों की एंट्री के नाम पर होता है खेल
एटा। दूर दराज से आने जाने वाले वाहनों की एंट्री के नाम पर भी यातायात पुलिस की तरफ खेल हो रहा है। वाहनों की एंट्री कोई कागज पर नहीं बल्कि दस और बीस रुपये के नोट पर हस्ताक्षर बनाकर दी जा रही है। जिसकी एवज में वाहन चालकों से मनमर्जी रुपये की वसूली की जाती है। इतना ही नहीं वाहनों की एंट्री काम यातायात पुलिस की तरफ शहर से बाहर बने ढाबों पर दे दिया गया है। जहां से एंट्री के नाम से आने वाले रुपये को ट्रैफिक पुलिस आपस में बांट लेती है।
तीन दिन होती ज्यादा वसूली
एटा। शहर में हर रोज वसूली का खेल करने वाली यातायात के सप्ताह के तीन दिन ज्यादा वसूली के रहते है। जिसमें शनिवार,रविवार और मंगलवार का दिन है। इन दिनों शहर से अधिक संख्या में पशुओं के वाहन गुजरते है। जिनसे ट्रैफिक पुलिस कर्मी हुजूम लगाकर शहर के अलीगंज तिराहे पर खुलकर वसूली करते है।
पहले हो चुकी है ट्रैफिक टीम पर कार्रवाई
एटा। पिछले दिनों ट्रैफिक पुलिस की वसूली के फोटो और खबर प्रकाशित होने के बाद डीआईजी स्तर से पूरी ट्रैफिक पुलिस टीम को हटाया गया था। इसके बाद नए सिरे से यातायात पुलिस टीम की जिले में तैनाती की गई थी। इस तरह से पिछले दिनों हुई कार्रवाई के बाद भी यातायात पुलिस सुधरने का नाम नहीं ले रही है।

मामले की जानकारी नहीं हो पाई है। वीडियो देखने के बाद मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में अगर पुलिस कर्मी दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। एसएसपी, स्वनिल ममगाई
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें