कासगंज। कासगंज-बरेली रेलमार्ग पर बदायूं जिले के उझानी के निकट हुए हादसे में दो रेल कर्मियों की मौत के मामले में प्रथम दृष्टया मालगाड़ी के चालकों को दोषी माना जा रहा है क्योंकि उन्होंने रेल फाटक से पहले गाड़ी का हॉर्न नहीं बजाया था।
कासगंज बरेली मार्ग पर किलोमीटर 274 से किलोमीटर 277 तक पेट्रोलिंग के दौरान घटना हुई। कासगंज की ओर से बरेली की ओर जाने वाली मालगाड़ी से दोनों रेलवे के ट्रैक मैन दिलीप कुमार एवं मोहम्मद हसीब चपेट में आए। उनकी मौके पर ही मौत हो गई। सर्द मौसम और कोहरा हादसे का कारण बना क्योंकि दोनों ही रेलकर्मी कान बांधे हुए थे।
वहीं गाड़ी के चालकों ने हॉर्न नहीं बजाया, जबकि गेट के समीप 600 और 1200 मीटर पर हॉर्न दिया जाता है। गेटमैन ने बताया कि चालकों के द्वारा कोई हॉर्न नहीं बजाया गया। वहीं दुर्घटना के दौरान गाड़ी की स्पीड ज्यादा होने की उम्मीद लगाई जा रही है।
पूर्वोत्तर रेलवे मैंस कांग्रेस के कारखाना मंडल मंत्री रजनीश तिवारी, सहायक महामंत्री युवा प्रकोष्ठ शैलेंद्र सिंह, शाखा अध्यक्ष रामवीर सिंह, सहायक मंडल प्रभारी अमित कुमार ने बताया कि घटना को लेकर जो कारण सामने आए हैं उनके संबंध में रेलवे के मंडलीय अधिकारियों से आश्वासन प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि रेल के अधिकारियों ने पीडब्ल्यूआई अजय कुमार भटनागर को हटा दिया है। वहीं मालगाड़ी के चालकों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिया है।