कासगंज। कोरोना व अन्य कारणों से जिला के 28 प्रतिशत बच्चे और 18 प्रतिशत गर्भवती महिलाएं टीकाकरण से वंचित हैं। अब इन सभी को सोमवार से मिशन इंद्रधनुष चलाकर प्रतिरक्षित किया जाएगा। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने माइक्रोप्लान तैयार कर लिया है।
शासन सेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेे 0 से 2 साल तक के बच्चे और गर्भवती महिलाओं के लिए नियमित टीकाकरण अभियान चलाया जाता है। इसके लिए स्वास्थ्य केंद्रों के अलावा उपस्वास्थ्य केंद्रों पर व्यवस्था निर्धारित है। लेकिन कोरोना ने टीकाकरण पर काफी असर डाला। टीकाकरण से वंचित बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए शासन से मिशन इंद्रधनुष 4.0 चलाने के लिए योजना बनाई। विभाग ने टीकाकरण से वंचित बच्चों व गर्भवती महिलाओं का सर्वे कराया। सर्वे में काफी चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। जिले में शून्य से 2 साल की आयु के 49548 बच्चों में से 13976 बच्चे और 26539 गर्भवती महिलाओं में से 4897 महिलाएं टीकाकरण से वंचित निकली। इन सभी को प्रतिरक्षित करने क लिए स्वास्थ्य विभाग ने 1312 केंद्र निर्धारित किए हैं।
बच्चों को इन बीमारी से बचाते हैं टीके
क्षय रोग, हेपाटाइटिस, पोलियो, निमोनिया, काली खाँसी, गलघोंटू, दस्त,खसरा, रतौंधी
इस तरह से लगाया जाता है टीका
जन्म के तुरंत बाद या 24 घंटे के अंदर बीसीजी, ओपीवी, हेपेटाइटिस टीका दिए जाते हैं। यदि किसी कारणवश टीका नहीं लग पाता है तो ओपीवी की पहली खुराक एक माह तक दी जा सकती हैं। बीसीजी का टीका एक साल के अंदर लगवा सकते हैं। ओपीवी, पेंटा, रोटा वायरस, पीसीवी, आईपीवी, डेढ़ माह, ढाई माह, साढ़े तीन माह में लगते हैं। एमआर व विटामिन ए की खुराक जन्म के नौ माह पर दी जाती है।
तीन चरणों में चलाया जाएगा अभियान
पहला चरण 7 मार्च से 15 मार्च तक
द्वितीय चरण 4 अप्रैल से 10 अप्रेल तक
तृतीय चरण 2 मई से 8 मई तक
मिशन इंद्रधनुष के तहत टीकाकरण से वंचित बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं को प्रतिरक्षित किया जाएगा। इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। तीन चरण में मिशन इंद्र धनुष चलेगा। - डा. अंजुश, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी