कासगंज। शासन से वन नेशन वन राशन कार्ड योजना लागू करने के बाद राशन कार्डों में होने वाली डुप्लीकेशी का सच सामने आने लगा है। विभाग ने इसके बाद से ऐसे यूनिटों को काटने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। ऐसे 2500 यूनिट राशन कार्ड से हटा दिए हैं।
अंत्योदय योजना और पात्र गृहस्थी योजना के तहत जिले में 252782 राशन कार्ड बने हुए हैं। शासन ने राशन कार्ड में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए वन नेशन वन राशन कार्ड योजना को लागू कर दिया। इस योजना के लागू हो जाने के बाद राशन कार्डों में फर्जी यूनिटों की पोल खुलने लगी है। जनपद के बढ़ी संख्या में लोग दूसरे राज्यों में नौकरी पेशा से जुड़े हुए है। ऐसे लोगों के काफी समय से बाहर रहने के बाद अपने राशन कार्ड रहने वाले राज्य में बनवा लिए, लेकिन परिजनों ने उनके यूनिट को जनपद में बने हुए राशन कार्ड से नहीं हटवाए। शासन से वन नेशन वन राशन कार्ड योजना को लागू करने के बाद पीडीएस को डिजिटल कर दिया गया। पीडीएस को डिजिटल करने के बाद आधार कार्ड से जोड़ा गया है। सभी राशन कार्ड आधार से जुड़ चुके है। इसके बाद राशन कार्ड में शामिल यूनिटों की डुप्लीकेशी भी पकड़ में आने लगी है। विभाग ने ऐसे 2500 यूनिटों को राशन काडों से हटा दिया है। अब ऐसे यूनिटों पर जिले में राशन नहीं लिया जा सकेगा।
वन नेशन वन राशन कार्ड योजना के तहत जिले के सभी राशन कार्ड पूरी तरह से ऑनलाइन हो चुके है। जिन परिवारों के बाहर रहने वाले सदस्यों के यूनिट जनपद के राशन कार्ड में भी जुड़े हुए हैं, उनको हटाने की प्रक्रिया चल रही है। ऐसे 2500 यूनिटों को राशन कार्डों से हटा दिया गया है। इसी के साथ मशीनों को भी अपडेट कर दिया गया है। - केएन सिंह, जिलापूर्ति अधिकारी