कासगंज। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर वर्ष 1998 से नौकरी करते रहे डाकपाल की मुसीबतें बढ़ती ही जा रही हैं। अब डाक विभाग ने विभागीय जांच शुरू कर दी है। हालांकि अभी रिकवरी का कोई निर्णय नहीं लिया गया है। विभाग ने दावा किया है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर कार्रवाई होगी।
जिले के गांव मिहारी के डाकघर में वर्ष 1998 में नगला सहजन के भरत सिंह ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी हांसिल की ली। इस मामले में अमांपुर के गांव अल्लीपुर के मानपाल ने शिकायत की। शिकायत में जांच हुई तो पाया गया कि हाईस्कूल की अंकतालिका फर्जी लगाई गई थी। इस पर एटा के डाक अधीक्षक नीलेंद्र दुबे ने कासगंज कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमे की जांच कासगंज कोतवाली के उपनिरीक्षक आबिद कुरैशी कर रहे हैं। जबकि इस मामले में विभागीय जांच भी शुरू हो गई है। डाक अधीक्षक ने विभागीय जांच कराने का निर्णय लेने के बाद अधीनस्थों से दस्तावेज भी मंगाए हैं। हालांकि अभी यह तय नहीं हुआ है कि फर्जी दस्तावेज लगाकर नौकरी करते रहे डाकपाल से रिकवरी होगी या नहीं।
- मामले में विभागीय जांच कराई जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर कार्रवाई होगी- नीलेंद्र दुबे, डाक अधीक्षक, एटा।