फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

'जहर बन गया निवाला', गोशाला में 22 गोवंशों की मौत से मचा हड़कम्प

Tue, 08 Oct 2019 12:16 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कासगंज
विज्ञापन
गोवंशों की मौत (फाइल फोटो) - फोटो : amar ujala
विज्ञापन
बदायूं जिले के कछला गोशाला में 22 गोवंश सोरों से गया चारा खाने से मर गए। बदायूं की घटना के बाद जिलेभर में हड़कंप मचा हुआ है। उझानी से आई पुलिस ने सोरों से चारा आपूर्ति देने वाले ठेकेदार को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया है। 
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: युवती से दुष्कर्मः अनाथालय को सील करने के दौरान पड़ताल में सामने आईं यह बातें

बदायूं से कृषि विभाग की टीम भी सोरों पहुंची। जिस खेत के चारे की आपूर्ति दी गई थी वहां से टीम ने मिट्टी के नमूने ले लिए हैं। इधर जिलाधिकारी ने जिम्मेदारों को निर्देश जारी कर सतर्कता बढ़ाने को कहा है।
विज्ञापन


जांच में पाया कि हरा चारा सोरों से भेजा गया था। चारे की आपूर्ति ठेकेदार मोनू सक्सेना द्वारा की गई। सोरों से गया चारा खाकर गोवंशों करने का मामला उजागर होते ही जिले में हड़कंप मच गया है।
 

जिलाधिकारी सीपी सिंह ने पशु चिकित्सा विभाग, राजस्व विभाग और निकायों को निर्देश जारी कर दिए हैं कि गोवंशों की देखरेख में सतर्कता बरतें और परीक्षण के बाद ही चारा खिलाएं। 

ये भी पढ़ें: इतना बढ़ गया जमीन का विवाद, 'हनुमान जी' को जाना पड़ा थाने, जानिए क्या है पूरा मामला

वहीं बदायूं जिले की उझानी कोतवाली की पुलिस ठेकेदार से पूछताछ करने के लिए सोरों आई और उसे हिरासत में लेकर उझानी कोतवाली ले गई। पुलिस ने दो अन्य लोगों को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। 

बदायूं जिले के कृषि विभाग की एक टीम भी सोरों के समीप लहरा रोड पर उस खेत पर पहुंची जहां से हरा चारा बदायूं भेजा गया था। कृषि विभाग की टीम ने मिट्टी में केमिकल की जांच के लिए नमूने संकलित किए हैं। साथ ही भेजा गया चारा भी जांच के लिए बरेली प्रयोगशाला भेज दिया गया है।
विज्ञापन

वैसे तो बाजरा के चारे में नाइट्रेड अधिक होता है, लेकिन जो चारा खाने से गोवंशों की मौत हुई है उसमें काफी अधिक मात्रा में नाइट्रेड था। बरेली आईबीआरआई के वैज्ञानिकों ने पाया है कि चारे में नाइट्रेड अधिक थी।

बिना बाली आए ही चारा खेत से काटकर गोवंशों को खिलाया गया। खेत में यूरिया के अधिक प्रयोग से नाइट्रेड बढ़ जाता है। अपर मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. एके सगर ने बताया कि चारे में यदि क्षमता से अधिक नाइट्रेड है तो वह जहर बन जाता है। पशुओं में फूड प्वाइजनिंग का यह कारण भी हो सकता है।

ये भी पढ़ें: पत्नी की मौत के बाद युवक ने रचाई दूसरी शादी, दुल्हन की असलियत जानकर उड़ गए होश

पशु चिकित्सा विभाग ने माना है कि जिस ठेकेदार ने बदायूं की कछला गोशाला के चारे की आपूर्ति दी वह कासगंज की कुछ गोशालाओं में भी चारा आपूर्ति करता है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. राजेंद्र सिंह खोखर ने अधीनस्थों को पत्र जारी किया कि संबंधित ठेकेदार से चारा न खरीदें। 

टीम  भेजकर सोरों से नमूने संकलित कराए हैं। मिट्टी में केमिकल की जांच कराई जाएगी। नमूने प्रयोगशाला भेज दिए हैं। जल्द ही जांच रिपोर्ट आ जाएगी। हो सकता है कि मिट्टी की जांच से सोरों में पैदा हुए जहरीले चारे की जानकारी हो जाए।  -विनोद कुमार, कृषि अधिकारी, बदायूं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें