मथुरा। गेहूं खरीद का लक्ष्य पूरा होने के बाद अब खरीद केंद्र प्रभारी और सचिव मनमर्जी पर उतर आए हैं। आढ़तियों-बिचौलियों के माध्यम से सेटिंग कर गेहूं खरीदा जा रहा है, जबकि किसानों को टहलाया जा रहा है।
जनपद में 91 खरीद केंद्रों पर सात मई तक 51.300 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद का लक्ष्य पूरा कर लिया गया। अब गेहूं की खरीद 15 जून तक होनी है। महीने में तीन बार हुई तेज बरसात, आंधी आने और ओलावृष्टि के चलते ज्यादातर किसानों को फसल को घर तक ले जाने में देरी हो गई।
खरीद केंद्रों पर अब भी किसान गेहूं बेचने पहुंच रहे हैं लेकिन किसानों को खरीद केंद्रों से लौटाया जा रहा है, वहीं केंद्रों पर आढ़तियों और बिचौलियों के माध्यम से किसानों से सस्ते खरीदे गेहूं को समर्थन मूल्य पर बेचा जा रहा है। इससे वास्तविक किसानों को लाभ न होकर आढ़ती लाभ कमा रहे हैं।
नौहझील, गोवर्धन, कोसीकलां, शेरगढ़ क्षेत्र के खरीद केंद्रों पर इस तरह की शिकायतें मिल रही हैं। इस संबंध में खाद्य विभाग के विपणन अधिकारी राजेश्वर सिंह का कहना है कि कुछ केंद्रों पर किसानों का गेहूं न खरीदने और बिचौलियों से गेहूं खरीद की शिकायतें मिली हैं। उन केंद्र प्रभारियों को नोटिस भेजकर जवाब मांगा जा रहा है। गेहूं खरीद के नोडल प्रभारी एडीएम वित्त को अवगत कराया है।